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25 फरवरी, 2020|6:11|IST

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दस लाख किसानों को नहीं मिलेगी सूद में छूट

दस लाख किसानों को नहीं मिलेगी सूद में छूट

राज्य के साढ़े दस लाख किसानों को सूद पर सरकारी छूट नहीं मिलेगी। उन्हें बैंक द्वारा ली गई राशि पर पूरा सूद देना होगा। यह किसी सरकार या अधिकारी के कारण नहीं बल्कि खुद किसानों की भूल या उनकी विवशता से हुआ है। समय पर पैसा नहीं जमा करने के कारण साढ़े दस लाख केसीसी के खाते एनपीए (नन परफॉरमिंग एसेट) हो गये हैं।

देश में उद्यमियों के लोन खाता एनपीए होने की सूचनाएं आती रहती हैं, लेकिन अब किसानों के खाते भी एनपीए होने लगे हैं। इसका घाटा भी किसानों को ही झेलना होता है। अब उन्हें सात प्रतिशत सूद की पूरी राशि बैंक को अदा करनी होगी। अगर समय पर पैसा जमा किये होते तो उन्हें सूद मात्र चार प्रतिशत ही देना पड़ता।

किसान क्रेडिट कार्ड पर बैंक सात प्रतिशत ही सूद लेते हैं। केन्द्र सरकार बैंकों को दो प्रतिशत सूद की राशि अदा करती है। यानी बैंकों को नौ प्रतिशत सूद मिलता है। इसके अलावा भी केन्द्र सरकार से दो प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा एक प्रतिशत यानी कुल तीन प्रतिशत सूद की छूट किसानों को मिलती है, लेकिन इसके लिए शर्त है कि किसान केसीसी में लिया गया कर्ज समय पर चुकता कर दें। समय पर कर्ज आदा करने वाले किसानों को मात्र चार प्रतिशत ही सूद देना होता है।

39 लाख किसानों को केसीसी का लाभ

राज्य में आज की तारीख में 39 लाख 23 हजार 655 किसानों को केसीसी का लाभ मिला है। इनमें 29 लाख 66 हजार 132 किसानों के खाते रेगुलर हैं और दस लाख 57 हजार 532 खाते एनपीए हो गये हैं। किसानों से बात करने पर पता चलता है कि कुछ तो मजबूरी में पैसा चुकता नहीं कर पाते हैं, जबकि कुछ किसान कर्ज माफ होने का इंतजार में पड़े रहे।

केसीसी के आंकड़े

39 लाख 23 हजार 655 किसान हैं केसीसी धारक

10 लाख 57 हजार 532 खाते एनपीए हो गये हैं

03 फीसदी अतिरिक्त छूट समय पर पैसा जमा करने पर मिलता है

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  • Web Title:One million farmers will not get interest in interest

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