
एनआईटी : 1018 को मिली उपाधि, हर्ष और धरेश को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना का 14वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। हर्ष नंदन वर्मा और धरेश कुमार को ओवरऑल टॉपर घोषित किया गया और राष्ट्रपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। कुल 1018 विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं। सुनील सिन्हा ने विद्यार्थियों को जीवन में चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा दी।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) पटना का 14वां दीक्षांत समारोह शनिवार को मना। इनमें दो छात्रों को ओवरऑल टॉपर की उपाधि दी गयी। इसमें एक छात्र हर्ष नंदन वर्मा स्नातक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग और दूसरा धरेश कुमार शामिल है। धरेश कुमार स्नातकोत्तर सिविल इंजीनियरिंग के छात्र हैं। इन दोनों ही छात्रों को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक और श्रेष्ठता प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। स्नातक के एक छात्र और एक छात्रा को सर्वश्रेष्ठ स्नातक की उपाधि दी गयी। इसमें आर्किटेक एवं प्लानिंग के आनंद सेतु और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की छात्रा थंडाव पुरंदेश्वर रेड्डी शामिल हैं। इन दोनों को इंडियन बैंक एनआईटी पटना शाखा द्वारा प्रशस्ति पत्र के साथ एक हजार एक रुपये प्रदान किये गये।
एनआईटी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कुल 14 विद्यार्थियों को विभिन्न स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। इसमें राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक और अपनी ब्रांच में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र और छात्रा शामिल हैं। इस बार केएन और अर्जुन रोहतगी स्वर्ण पदक और बीसीईएनअईटीपी पूर्व छात्र स्वर्ण पदक सिविल इंजीनियरिंग की छात्रा रितिका कुमारी को प्रदान किया गया। इस मौके पर अकादमिक हेड प्रो. एमपी सिंह ने सभी स्नातकों को अकादमिक शपथ दिलाई। चुनौतीपूर्ण स्थितियों में खुद को ढालने वाले होते हैं सफल : सुनील सिन्हा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि टाटा इंटरनेशनल बेस्ट एशिया (दुबई) के निदेशक और संस्थान के 1982 बैच के मैकैनिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र रहे सुनील सिन्हा ने कहा कि जीवन में हर दिन हम कुछ न कुछ सीखते हैं। आज के समय में वहीं सफल है जो जीवन में चुनौतीपूर्ण स्थितियों में खुद को ढालने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन को 20-20 मैच की तरह नहीं बल्कि टेस्ट मैच की तरह जीना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को महत्वाकांक्षी बनने को प्रेरित किया। एनआईटी के निदेशक प्रो. पीके जैन ने संस्थान के विकास गतिविधियों और उपलब्धियों के बारे मे बताया। संस्थान के शासक मंडल के अध्यक्ष अशोक कुमार मोदी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। 1018 विद्यार्थियों को मिली उपाधि दीक्षांत समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर के साथ पीएचडी मिलाकर कुल 1018 विद्यार्थियों को उपाधि दी गयी। इसमें 823 छात्र और 195 छात्राएं शामिल है। बीटेक और बी आर्क 740 विद्यार्थी थे। इनमें 597 छात्र और 143 छात्राएं शामिल हैं। वहीं एमटेक और एमयूआरपी के 111 विद्यार्थियों को उपाधि दी गयी। इसमें 93 छात्र और 18 छात्राएं शामिल है। वहीं पीएचडी के 167 विद्यार्थी को उपाधि मिली। इनमें 133 छात्र और 34 छात्राएं हैं। स्नातक 2024-25 के ये विद्यार्थी पदक से सम्मानित हर्ष नंदन वर्मा (कंप्यूटर साइंस) : राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक, श्रेष्ठता प्रमाण पत्र रितिका कुमारी (सिविल इंजीनियरिंग) : निदेशक स्वर्ण पदक, केएन एवं अर्जुन रोहतगी स्वर्ण पदक, बीसीई:एनआईटीपी पूर्व छात्र स्वर्ण पदक, श्रेष्ठता प्रमाण पत्र निदेशक स्वर्ण पदक और श्रेष्ठता प्रमाण पत्र से सम्मानित : प्रिया मिश्रा (वास्तुकला एवं योजना), हिमांश कुमार साहू (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग), द्विभाष्यम साई बुच्चि सूर्य पवन (इलेक्ट्रानिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग), असद रहमान (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) स्नातकोत्तर 2024-25 के ये विद्यार्थी पदक से सम्मानित धरेश कुमार (सिविल इंजीनियरिंग) : राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक और श्रेष्ठता प्रमाण पत्र निदेशक स्वर्ण पदक और श्रेष्ठता प्रमाण पत्र : शिप्रा वर्मा (आर्किटेक एवं प्लानिंग), प्राची मौर्य (इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग), अमित कुमार (मैकेनिकल इंजीनियरिंग), अरुनिश कुमार (कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग), गौतम सिंह (इलेक्टिकल इंजीनियरिंग)

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