
जी राम जी योजना से विकसित बनेंगे गांव : एनडीए
एनडीए नेताओं ने 'विकसित भारत जी राम जी' कानून की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य गांवों, श्रमिकों और किसानों के विकास को बढ़ावा देना है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि इस कानून में मनरेगा की कमियों को दूर किया गया है, जिससे रोजगार में वृद्धि होगी। विपक्ष इस कानून का विरोध कर रहा है।
एनडीए नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा है कि ‘विकसित भारत जी राम जी’ कानून गांवों, श्रमिकों और किसानों के हित को देखते हुए लाया गया है। इस योजना से गांव विकसित बनेंगे। भाजपा प्रदेश कार्यालय में बुधवार को एनडीए घटक दल के नेताओं के संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि केंद्र सरकार के हर अच्छे काम का विपक्ष विरोध करता है। उन्होंने कहा कि इस कानून में मनरेगा की कमियों को दूर किया गया है। मनरेगा एक तरह से भ्रष्टाचार का अड्डा बना रहता था। पीएम नरेंद्र मोदी का संकल्प 2047 तक देश को विकसित बनाने का है।
इसी के तहत गांव को भी विकसित करना जरूरी है। बिहार में नीतीश कुमार की सरकार गांव को विकसित करने के उद्देश्य से काम कर रही है। एनडीए की सोच है, हर गरीब को रोजगार मिले और उसकी गरिमा का सम्मान हो। उन्होंने कहा कि उक्त योजना में राम शब्द है और भगवान श्री राम के नाम से भी विपक्ष को तकलीफ हो रही है। जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि विपक्ष विकसित भारत-जी राम जी कानून को लेकर दुष्प्रचार कर रहा है। इस कानून से रोजगार बढ़ेगा। विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर मनरेगा कानून में बदलाव किया गया है। पहले जहां मनरेगा में श्रमिकों को मजदूरी भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। वहीं, अब इस कानून में साप्ताहिक मजदूरी भुगतान का प्रावधान किया गया है। लोजपा आर. के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी, हम प्रधान महासचिव राजेश पांडेय और रालोमो के महामंत्री सुभाष चंद्रवंशी ने भी अपनी बात रखी। मौके पर भाजपा नेता दानिश इकबाल और अमित बब्लू उपस्थित थे।

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