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‘शांति’ सीरियल में गौरव का किरदार याद है, नरेन्द्र ने बड़ी संजीदगी से निभाया था रोल 

नरेन्द्र झा को हैदर फेम से अधिक लोकप्रियता मिली। लेकिन एक समय था जब शांति सीरियल में गौरव के किरदार ने नरेन्द्र को जबरदस्त ख्याति मिली थी। वर्ष 1995 में दूरदर्शन पर प्रसारित होनेवाले शांति सीरियल उनका पहला सीरियल था। उन्हें इसमें ब्रेक मिला। यह सीरियल काफी हिट रहा था। इसमें गौरव के किरदार ने बड़ी पहचान दी। नरेन्द्र ने सौ से अधिक टीवी सीरियलों में काम किया था। इसमें रावण, बेगूसराय चर्चित रहे। पहली बार टीवी पर शांति सीरियल में लोगों ने उन्हें देखा था। हैदर, रईस ने करियर को दिया नया आयाम : फिल्म व टीवी में काफी काम किया पर बड़े बजट की हैदर, रईस, काबिल और घायल वंस अगेन ने करियर को नया आयाम दिया। इन फिल्मों में शाहिद कपूर, ऋतिक रौशन, शाहरूख खां और सन्नी देयोल साथ थे। इसके पहले श्याम बेनेगल की फिल्म सुभाषचंद्र  द लॉस्ट हीरो में हबीबुर रहमान की भूमिका ने काफी प्रशंसा दिलायी थी। फंटूस में परेश रावल के साथ विलेन के रोल में था। विशाल भारद्वाज  की हैदर में शाहिद कपूर के पिता की भूमिका, हमारी अधूरी कहानी में विद्या बालन के साथ अहम किरादारों को जीया। विराम में बतौर हीरो काम किया। 
हिन्दी संग साउथ की फिल्मों में भी किया अभिनय
आदि शंकराचार्य बनाने वाले जीवी अय्यर से काफी नजदीकी रही। उनके कई फिल्म और सीरियल में काम किया। हिन्दी के साथ संस्कृत, तेलगू, तमिल, कन्नड़ के साथ भासा इंडोनेशिया की फिल्मों में भी काम किया। बाहुबली बनाने वाले राजामौली की फिल्म छत्रपति में भी विलेन का रोल किया। हीरो थे बाहुबली फेम प्रह्लाद। तेलगू,तमिल व मलयालम भाषा में 6-7 फिल्में की।
कोईलख में हर कोई गमगीन : नरेन्द्र झा मधुबनी के कोईलख के रहनेवाले थे। उनके निधन की खबर मिलते ही कोईलख में हर कोई गमगीन हो गया। नरेन्द्र झा ने कोईलख हाईस्कूल से ही मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की थी। 
पिता आईएएस बनाना चाहते थे : पिता शुभ नारायण झा गांव के स्कूल में प्रधानाध्यापक थे। आगे नरेन्द्र ने पटना के बीएन कॉलेज में इंटर और स्नातक तक पढ़ाई की। इसके बाद आईएएस की तैयारी के लिए दिल्ली निकल गए। पिता उन्हें आईएएस बनाना चाहते थे। वहां जेएनयू में पीजी हिस्ट्री में दाखिला लिया। वर्ष 1988 में जेएनयू से पास करने के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुट गए। लेकिन कुछ ही समय में समझ में आ गया कि आईएएस निकाल पाना मुश्किल होगा। फिर दिल्ली में ही श्रीराम नाट्य केन्द्र में अभिनय के प्रशिक्षण के लिये दाखिला लिया। कोर्स करने के बाद एक्टिंग को करियर बनाने की ठानी। वर्ष 1993 में दिल्ली से मुंबई निकल पड़े। क्योंकि दिल्ली में एक्टिंग करियर में मौके कम थे। मुंबई में काम के लिए संघर्ष शुरू हो गया। इस दौरान अपना खर्चा-पानी चलाने के लिए मॉडलिंग करने लगा। इससे बड़ा फायदा हुआ और जैन टीवी पर युद्ध सीरियल में मौका मिल गया। इसके चार-पांच सौ एपिसोड किया। 


 
 

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  • Web Title:Narendra Jha played the role of Gaurav in Shanti