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नालंदा में शिक्षकों को प्रोन्नति देने की होगी निगरानी जांच

नालंदा जिले के 342 मिडिल स्कूलों के शिक्षकों को प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति देने में हुई अनियमितता मामले में पटना हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जतायी है। कोर्ट ने निगरानी ब्यूरो को जांच करने का आदेश दिया है। साथ ही इस मामले से जुड़े अधिकारियों डीईओ, डीपीओ की संपत्ति की भी जांच करने का आदेश दिया है। 

न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्ल्ह की एकलपीठ ने जिला प्राथमिक शिक्षक संघ की अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। कोर्ट में उपस्थित निगरानी के एडीजी को 11 जुलाई तक शिक्षकों को दी गई प्रोन्नति मामले की जांच करने को कहा गया। साथ ही डीईओ तथा डीपीओ की अर्जित संपत्ति की भी जांच करने का आदेश दिया गया है।  सुनवाई के दौरान दोनों अधिकारी कोर्ट में उपस्थित थे। उन्होंने बार-बार बख्श देने की गुहार अदालत से लगायी। लेकिन कोर्ट ने उन्हें किसी तरह की राहत देने से इनकार करते हुए मामले की जांच करने का आदेश दिया है।   

संघ की ओर से कोर्ट को बताया गया कि हाईकोर्ट ने 14 दिसंबर 2017 को प्रोन्नति देने के बारे में आदेश दिया था। लेकिन आदेश को नजरअंदाज कर अधिकारियों ने ऐसे शिक्षकों को प्रोन्नति दे दी, जो इस पद के लायक नहीं थे। सक्षम शिक्षक प्रोन्नति पाने से वंचित रह गए। मामले पर अगली सुनवाई की तारीख 11 जुलाई को होगी। 

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  • Web Title:Monitoring will be given Promotions to teachers in Nalanda Patna High Court