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21 मई, 2020|11:29|IST

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लॉकडाउन से पटना में मार्बल, ग्रेनाइट, टाइल्स उद्योग ठप

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कोरोना महामारी के कारण करीब दो माह से ज्यादा से चल रहे लॉकडाउन का असर उद्योग-धंधों और छोटे व्यवसायों पर भी पड़ा है। कई उद्योग-धंधे और व्यवसाय ऐसे हैं, जो पूरी तरह से चौपट हो चुके हैं। इनमें से ही एक है मार्बल, ग्रेनाइट व टाइल्स व्यवसाय, जो कि अपने अस्तत्वि से जूझ रहा है। शहर में फतुहा से लेकर दानापुर तक 400 से ज्यादा मार्बल, टाइल्स की दुकानें हैं, जिनका व्यवसाय लॉकडाउन  के कारण पूरी तरह ठप हो गया है। टाइल्स, मार्बल व्यवसायियों के काम-धंधे के बंद होने से उनके साथ काम करने वाले करीब 10 हजार से ज्यादा छोटे हार्डवेयर दुकानदार, मजदूर, मिस्त्री पर रोजी-रोटी का संकट आ गया है।

पटना टाइल्स एंड ग्रेनाइट टेंडर कल्याण समिति के अध्यक्ष बिनोद कुमार ने बताया कि जिले में 400 से ज्यादा टाइल्स, मार्बल की दुकानें हैं। व्यवसाय ठप होने, बैंकों की किस्तें, ब्याज, गोदाम, मकान और दुकान का किराया देने में असमर्थ हैं। लॉकडाउन की वजह से पटना जिले के व्यसायियों को अब तक 10 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। सरकार को मार्बल, टाइल्स की बंद दुकानों व गोदामों का बिजली बिल भी कम से कम माफ कर देना चाहिए, ताकि थोड़ी राहत मिले। हमारा व्यवसाय ठप होने से हजारों लोग भुखमरी के कगार पर आये गये हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा 19 मई से सप्ताह में तीन दिन दुकानें खोलने की इजाजत दे दी गई है, लेकिन काम बंद होने से मजदूर अपने गांव को पलायन कर गये हैं। 

कई राज्यों से मार्बल ग्रेनाइट की सप्लाई 
पटना में राजस्थान, गुजरात से मार्बल आते हैं। वहीं ग्रेनाइट की सप्लाई दक्षिण राज्यों से होती है। ग्रेनाइट की आपूर्ति तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु राज्यों से होती है। लॉकडाउन के कारण ट्रांसपोर्टेशन अभी शुरु नहीं हो सका है।  

लॉकडाउन की वजह से हर माह की लोन की किस्त कहां से जमा करेंगे। लंबे समय से दुकानें बंद होने से व्यापार ठप है। 19 मई से दुकानों को खोलने की इजाजत तो मिल गई है, लेकिन मजदूर, मार्बल मिस्त्री ये सब अपने गांव चले गये हैं। पूरा लॉकडाउन खत्म होने के बाद इस व्यवसाय में तेजी आएगी। 
-संजय कुमार, मार्बल व्यवसायी

दुकान खोलने की इजाजत तो मिल गई है, लेकिन जब तक कंस्ट्रक्शन का काम शुरू नहीं होगा, तब मंदी ही रहेगी। इस व्यवसाय को फिर से खड़ा करने में करीब छह माह का वक्त लगेगा ही। अभी हमें 18 फीसदी जीएसटी देना पड़ता है। सरकार को चाहिए इस व्यवसाय को फिर से प्रोत्साहन देने के लिए जीएसटी की दरों में और कटौती करे। 
-रामचंद शाह, टाइल्स व्यवसायी

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  • Web Title:Marble granite tiles industry stalled in Patna due to lockdown

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