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मानवजनित आपदा से नुकसान अधिक : व्यास जी

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यास जी ने कहा है कि जान-माल का नुकसान प्राकृतिक व कृत्रिम आपदाओं से होता है। लेकिन, मानवजनित आपदा से जान-माल का नुकसान अधिक होता है। खासकर सड़क दुर्घटना, डूबने, जलवायु परिवर्तन के मसले पर हमें और सचेष्ट होने की जरूरत है।

बामेति में प्राधिकरण की ओर से आयोजित आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन विषय पर कार्यशाला में उपाध्यक्ष ने शहरी स्थानीय निकायों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि बुधवार को असम के कोकराझार में भूकम्प आया। इसका प्रभाव मुंगेर तक हुआ है। आपदा के जोखिम को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेंडई फ्रेमवर्क में दुनिया के 187 देशों ने हस्ताक्षर किए। कोशिश है कि आधारभूत संरचना की क्षति कम हो। बिहार ने 2030 तक आपदा का प्रभाव कम करने का रोडमैप बनाया है। इसमें सुरक्षित बिहार की कल्पना की गई है।

प्राधिकरण सदस्य डॉ. उदय कांत मिश्र ने कहा कि प्रशिक्षण लेने वालों को आपदा आने पर त्वरित गति से काम करना होगा। सदस्य पीएन राय ने कहा कि भवन निर्माण के दौरान यह देखना जरूरी है कि यह भूकंपरोधी है या नहीं। डॉ. मुहम्मद अहमद ने कहा कि हमें सुरक्षित गांव बनाना है। आपदा के अपर सचिव एम. रामचंद्रुडू ने कहा कि तय मानक पर काम होने से ही आपदा पर काबू पाया जा सकता है। कार्यशाला में निकायों के प्रतिनिधि के अलावा एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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  • Web Title:Losses from man made Disaster