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आरोप: बिहार को केंद्रीय कोटे की आधी बिजली ही मिली

प्रतीकात्मक तस्वीर

शुक्रवार को बिहार को केन्द्रीय कोटे की मात्र आधी बिजली ही मिली। इस कारण राज्य सरकार को बाजार से बिजली खरीदकर सप्लाई करनी पड़ी। कोटा कम मिलने के कारण अन्य दिनों की तुलना में कम बिजली आपूर्ति हुई। दर्जन भर से अधिक ग्रिड को लोडशेडिंग करना पड़ा। बारी-बारी से बिजली आपूर्ति की गई। 

गर्मी को देखते हुए गुरुवार को समाप्त हुए दो दिवसीय ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन में बिहार ने केन्द्र से सस्ती और कोटे की पूरी बिजली देने की मांग की थी। ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा था कि बिहार को कोटे के अनुसार पूरी बिजली दी जाए। कोटा कम मिलने पर बिहार को उन यूनिटों से बिजली दी जाए जो सस्ती हों। 

केंद्र सरकार ने बिहार की मांग पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा भी दिया, लेकिन गुरुवार को समाप्त हुए सम्मेलन के अगले ही दिन शुक्रवार को कोटे की आधी बिजली ही दी गई। बिहार को केन्द्रीय सेक्टर से 2942 मेगावाट बिजली आवंटित है पर इसमें से मात्र 1545 मेगावाट ही मिली। इस कारण बिहार को बाजार से 1360 मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ी। 

पांच यूनिट रही ठप

केन्द्रीय सेक्टर से कम बिजली मिलने का कारण तीन यूनिटों का ठप होना रहा। एनटीपीसी फरक्का यूनिट को ओवरहॉलिंग के कारण 29 अप्रैल को ही बंद कर दिया गया है। एनटीपीसी बाढ़ थर्मल पावर की यूनिट संख्या पांच चार मई को बंद हो गई। एनटीपीसी की ही तालचर की यूनिट संख्या दो कोयले की कमी के कारण बंद है। जबकि राज्य सरकार की अपनी इकाई कांटी थर्मल पावर की यूनिट संख्या दो कोयले की कमी के कारण बंद हो गई। कांटी की ही नई यूनिट तकनीकी खराबी के कारण नहीं चल सकी।

बिजली आपूर्ति की स्थिति

केन्द्रीय कोटा : 2942 मेगावाट
केन्द्र से मिला :  1545 मेगावाट
कांटी-बरौनी : 170 मेगावाट 
बाजार से : 1360 मेगावाट 
कुल आपूर्ति :  3075 मेगावाट
औसतन रोज आपूर्ति : 3700 मेगावाट

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  • Web Title:less electricity supply to bihar from centre