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17 जनवरी, 2020|9:55|IST

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पटना की हवा में सांस लेना हुआ मुश्किल

air pollution in patna

राजधानी पटना सहित बिहार के कई शहरों की हवा सांस लेने लायक भी नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा मापे गए प्रदूषण स्तर में पटना और मुजफ्फरपुर में हवा की गुणवत्ता बहुत ही खराब है। हवा में पीएम-2.5 कणों की संख्या काफी बढ़ी हुई है। जबकि गया की आबोहवा भी बहुत अच्छी नहीं है। 

मौजूदा स्थिति सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए घातक है। हालांकि फिर भी राज्य के शहरों की स्थिति दिल्ली और एनसीआर सहित यूपी के कई शहरों से ठीक है। राज्य में तीन शहरों में ही वायु प्रदूषण की मापी की व्यवस्था है। इनमें राजधानी पटना के साथ मुजफ्फरपुर और गया भी शामिल हैं। शनिवार की शाम चार बजे रिकॉर्ड किए गए प्रदूषण स्तर में पटना में हवा पुअर यानी खराब थी। हवा में जिन पीएम-2.5 कणों की संख्या 40 होनी चाहिए, वह 282 दर्ज की गई। जबकि मुजफ्फरपुर में इन कणों की संख्या 259 रिकॉर्ड की गई। गया में पीएम 2.5 कणों की मात्रा 155 दर्ज हुई। 

पटना और मुजफ्फरपुर की बात करें तो इन शहरों में वैसे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होगी जिन्हें श्वांस संबंधी बीमारी है। लगातार ऐसी हवा में सांस लेने से तमाम और लोगों में भी श्वांस संबंधी परेशानी बढ़ सकती है। वहीं गया की हवा का स्तर भी फेफड़ों और हृदय संबंधी रोगों से ग्रस्त और अस्थमा आदि बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए परेशानी पैदा करने वाली है।

क्या है पीएम 2.5 
पीएम 2.5 को रेस्पायरेबल पार्टिकुलेट मैटर कहते हैं। इस छोटे कणों का व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या कम होता है। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। यह धूल, कंस्ट्रक्शन, कूड़ा व पुआल जलाने से अधिक बढ़ता है। 

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  • Web Title:It is difficult to breathe in Patna air

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