Hindi NewsBihar NewsPatna NewsInternational Bihar-Purvanchal Festival in Sydney on March 22 Global Participation and Youth Development Initiatives
सिडनी में अंतरराष्ट्रीय बिहार-पूर्वांचल महोत्सव 22 मार्च को

सिडनी में अंतरराष्ट्रीय बिहार-पूर्वांचल महोत्सव 22 मार्च को

संक्षेप:

22 मार्च को सिडनी में पहले अंतरराष्ट्रीय बिहार–पूर्वांचल महोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें 30 देशों के प्रवासी पूर्वांचली शामिल होंगे। यह आयोजन बिहार और पूर्वांचल की पहचान को मजबूत करने के लिए है। साथ ही, पूरबी इंटरनेशनल मंच का शुभारंभ भी होगा, जो युवाओं के विकास पर केंद्रित है।

Jan 15, 2026 08:11 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पटना
share Share
Follow Us on

22 मार्च को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में पहले अंतरराष्ट्रीय बिहार–पूर्वांचल महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें दुनिया के 30 देशों में रह रहे प्रवासी पूर्वांचली हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया और भारत के विभिन्न राज्यों से विशिष्ट राजनीतिक और सामाजिक व्यक्तित्वों की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। इस आयोजन की जानकारी गुरुवार को पटना के ताज होटल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई। जहानाबाद के मूल निवासी और वर्तमान में सिडनी में रहने वाले व्यवसायी प्रवीण कुमार ने बताया कि यह महोत्सव बिहार और पूर्वांचल की वैश्विक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरप्रीत सिंह बंगा, संजीव मुकेश और निशांत दयाल भी मौजूद रहे।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

प्रवीण कुमार ने बताया कि 22 मार्च को ही सिडनी में पूरबी इंटरनेशनल नामक एक वैश्विक मंच का औपचारिक शुभारंभ भी होगा। यह मंच मूल्य-आधारित युवा विकास, शांतिपूर्ण राष्ट्रीय एकता और सेवा आधारित आर्थिक मॉडल के निर्माण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से बिहार और पूर्वांचल के युवाओं के लिए गरिमामय और अनुशासित मार्ग तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। विशेषकर उद्यमिता, स्पोर्ट्स और कला एवं साहित्य में बिहार के युवाओं को वैश्विक मंच और मौके प्रदान करना है। यह पहल ‘खेलो इंडिया, फिट इंडिया’, एनसीसी, एनएसएस और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अनुरूप है। आयोजकों के अनुसार यह मंच युवाओं को अनुशासित, कौशलयुक्त और राष्ट्र-प्रथम ‘पुरबिया’ नागरिक के रूप में पहचान और गौरव देने का प्रयास करेगा। इस पहल की एक प्रमुख प्रतीकात्मक गतिविधि सेवा यात्रा होगी, जिसे प्रतिवर्ष आयोजित करने की योजना है। इसके तहत देशभर से चयनित लगभग 1,000 से 1,500 युवा प्रतिभागी रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, सामुदायिक सेवा, कौशल कार्यशालाएं, शांति संवाद, सामुदायिक भोजन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कार्यक्रमों में भाग लेंगे।