पटना विवि में क्षमता संवर्धन कार्यक्रम शुरू, 80 शिक्षक हो रहे शामिल
शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यचर्या में एकीकृत करने के लिए क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन पटना विवि में किया गया। कुलपति प्रो. नामित सिंह ने उद्घाटन किया और इसे भारत की बौद्धिक विरासत को पुनः स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में 80 शिक्षक और शोधार्थी शामिल हुए।

शिक्षा मंत्रालय एवं यूजीसी द्वारा कार्यान्वयित भारतीय ज्ञान परंपरा का पाठ्यचर्या में एकीकरण हेतु क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेन्टर, पटना विवि में सोमवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पटना विवि की कुलपति प्रो. नामित सिंह ने की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से भारतवर्ष की बौद्धिक विरासत को पुनः स्थापित करने का है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पर इसे पाठ्यक्रम में एकीकृत किया जाना है। यूजीसी द्वारा नामित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के पर्यवेक्षक डॉ. कुमार भट्ट ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि पूरे देश से कुछ चुने हुए संस्थानों में इस कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है।
मौके पर केंद्र के निदेशक प्रो. अतुल आदित्य पांडेय ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय के इस केंद्र का चुना जाना हम सभी के लिये गौरव की बात है। कार्यक्रम में 80 शिक्षक एवं शोधार्थी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. भावुक शर्मा ने की। प्रो. जीबी चांद ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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