गांव, ग्रामीण और गरीब फाइलों में बंद हैं : संजय

Newswrap हिन्दुस्तान, पटना
share

राजद सांसद संजय यादव ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, लेकिन आज गांव संघर्ष और उपेक्षा के बोझ तले कराह रहे हैं। ग्रामीण युवा रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। सरकार की नीतियों के कारण किसान दिहाड़ी मजदूर बन रहे हैं और बिहार में लाखों परिवारों के पास पक्का घर नहीं है।

गांव, ग्रामीण और गरीब फाइलों में बंद हैं : संजय

राजद सांसद संजय यादव ने कहा है कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, लेकिन आज वही आत्मा संघर्ष, उपेक्षा और ना-उम्मीदी के दर्द और बोझ तले कराह रही है। इस सरकार में गांवों, ग्रामीणों, किसानों और गरीबों को फाइलों और घोषणाओं में बंद कर दिया है? मंगलवार को ग्रामीण विकास मंत्रालय पर हुए विमर्श में सांसद ने कहा कि ग्रामीण युवा रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। गांव अब उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि पलायन का केंद्र बन गए हैं। लगभग 29% आबादी प्रवासी है और उनमें से 89% ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। इस सरकार की गलत नीतियों और निर्णयों के कारण किसानों और गांवों के बेटे अब शहरों में दिहाड़ी मजदूर बन रहे हैं।

81 करोड़ भारतवासियों को सिर्फ जीवित रहने की न्यूनतम आवश्यकता पूरी करने के लिए पांच किलो अनाज दिये जा रहे हैं तो गरीबी खत्म करने का दावा किया जा रहा है। यह विरोधाभास सरकार के ग्रामीण विकास मॉडल की सबसे बड़ी विफलता है। बिहार में लगभग एक करोड़ 4 लाख 90 हजार परिवारों के पास पक्का घर नहीं है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए बिहार को कुल 12 लाख 21 हजार 247 आवास बनाने का लक्ष्य मिला था। अब तक मात्र दो लाख 85 हजार आवास ही तैयार हो पाए हैं।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।