
एससीईआरटी : क्वांटम युग की संभावनाएं और चुनौतियों पर चर्चा
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य शिक्षकों को क्वांटम युग और क्वांटम भौतिकी की समझ विकसित करने के लिए तैयार करना था। कार्यक्रम...
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) में शनिवार को क्वांटम युग का आगाजः संभावनाएं और चुनौतियां विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य बच्चों में क्वांटम युग, क्वांटम भौतिकी की समझ को विकसित करने के लिए शिक्षकों को तैयार करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ एससीईआरटी की संयुक्त निदेशक (डायट) डॉ. रश्मि प्रभा के उद्घाटन भाषण से हुआ। उन्होंने कहा कि क्वांटम भौतिकी जैसी जटिल धारणाओं को भी यदि दैनिक जीवन के उदाहरणों और प्रायोगिक गतिविधियों से जोड़ा जाए तो विद्यार्थी उनमें गहरी रुचि विकसित कर सकते है। इस मौके पर आईआईएसईआर पुणे के सुजीत गोंडा ने क्वांटम यांत्रिकी और उसके अनुप्रयोग पर अपनी बात रखी।

पाटलिपुत्र विवि पटना प्रो. डॉ. संतोष कुमार ने क्वांटम सिद्धांत की शिक्षा पद्धति और इसके सामाजिक-वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डाला। आईआईटी पटना के डॉ. अजय डी. ठाकुर ने क्वांटम क्वांटम रिसर्च में हो रहे नवीनतम नवाचार साझा किए।

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