In the Legislative Assembly - विधानसभा में सत्तापक्ष व विपक्ष में हुई तीखी नोकझोंक DA Image

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विधानसभा में सत्तापक्ष व विपक्ष में हुई तीखी नोकझोंक

विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन विपक्ष ने सृजन घोटाले पर कार्यस्थगन स्वीकृत नहीं होने पर जमकर नारेबजी व हो-हल्ला किया। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि सृजन घोटाला मध्यप्रदेश के व्यापम घोटाले से भी बड़ा घोटाला दिख रहा है। आरोप लगाया कि इस घोटाले से जुड़े आरोपियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। श्री यादव ने कहा कि आरोपी महेश मंडल की मौत के बाद मनोरमा देवी के करीबी तथा आरोपी नवीन की भी मौत हो गयी है। उन्होंने कहा कि सदन में इस मामले पर तुरंत चर्चा के लिए हमारे कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर किया जाए। सभाध्यक्ष विजय चौधरी ने कहा कि इस विषय को सही समय पर उठाएं, फिलहाल प्रश्नकाल चलने दें। इसके बाद विपक्ष के सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। दोबारा 12 बजे सभा की कार्यवाही शुरू होने पर सभाध्यक्ष ने अब्दुलबारी सिद्दिकी समेत अन्य द्वारा दिए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव को नियमानुकूल नहीं होने के कारण अमान्य कर दिया। विपक्ष फिर नारेबाजी के साथ वेल में पहुंच गया। सत्तापक्ष के सदस्य अपनी सीट से ‘चोर मचाये शोर जबकि विपक्ष के सदस्य ‘खजाना चोर गद्दी छोड़ के नारे लगाने लगे। अब्दुलबारी सिद्दिकी ने कहा कि विपक्ष की ओर से कोशिश है कि सदन सामान्य ढंग से चले लेकिन सत्तापक्ष का व्यवहार ऐसा ही रहा तो एक भी मंत्री सदन में बोल नहीं पाएंगे। संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने आपत्ति की। कहा कि सदन धमकी से नहीं नियमावली से चलेगा। शोरगुल के बीच ही वित्तमंत्री सुशील मोदी ने वित्तीय वर्ष 2016-17 का उपलब्धि प्रतिवेदन तथा अन्य जरूरी विधायी कार्य निपटाए। श्रम मंत्री और पशु मत्स्य मंत्री ने भी कागजात रखे।

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