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शिक्षा में सुधार से विकसित बन सकता है बिहार : प्रो. शांता

शिक्षा में सुधार से विकसित बन सकता है  बिहार : प्रो. शांता

मैग्सेसे पुरस्कार विजेता और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष प्रो शांता सिन्हा ने कहा कि शिक्षा में सुधार से बिहार विकसित राज्य बन सकता है। बिहार में पूरी क्षमता है। जरूरत है कि यहां के मानव संसाधन को शिक्षित करना। उन्होंने कहा कि राज्य के हर बच्चे को इंटरमीडिएट तक की शिक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। वे गुरुवार को अधिवेशन भवन में डॉ. मदन मोहन झा स्मृति व्याख्यान के मौके पर बोल रही थीं। शिक्षांश द्वारा आयोजित व्याख्यान का विषय था ‘शैक्षणिक सुधार की परिकल्पना। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन में बैठे लोग शिक्षा की सच्चाई सुनना और देखना पसंद नहीं करते हैं। झूठ को ही सच मान कर कार्य किया जा रहा है। इस मानसिकता से ऊपर उठ कर कार्य करना होगा। धरातल पर जाकर देखने होगा कि शिक्षा में क्या हो रहा है और क्या बदलाव होने चाहिए। शिक्षा में सुधार शिक्षक के माध्यम से ही आएगा। शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। समान हो स्कूल की शिक्षा प्रणाली राष्ट्रीय शैक्षणिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय (न्यूपा) दिल्ली के पूर्व कुलपति प्रो आर गोविंदा ने कहा कि बिहार की शिक्षा मुझे पहेली सी लगती है। बचपन से पाटलिपुत्र और नालंदा विश्वविद्यालय की चर्चा शिक्षकों से सुनता रहा। बड़ा हुआ तो पाया कि बिहार शिक्षा में काफी पीछे है। साक्षरता दर सभी राज्यों से कम है। आजादी के 70 साल बाद भी बिहार अपने गौरव को क्यों नहीं प्राप्त कर सका, यह सवाल आज खड़ा है। उन्होंने कहा कि शिक्षण व्यवस्था के पुनर्निर्माण की जरूरत है। सभी बच्चों के लिए स्कूल की शिक्षा प्रणाली समान होने चाहिए। मौके पर स्व. मदन मोहन झा की पत्नी निशा झा ने कहा कि डॉ. झा को शिक्षा के क्षेत्र में विशेष पहचान दिलाने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अहम योगदान है। उन्होंने ही शिक्षा विभाग को संभालने का मौका उन्हें दिया था। मौके पर शिक्षाविद ज्ञानमणि देव त्रिपाठी, प्रो मनीषा प्रियम, निहारिका झा आदि ने अपनी बात रखी।

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  • Web Title:Improvement in education can be developed by Bihar: Prof. Shanta