Hindustan samvad Government should take concrete measures to stop the rising outbreak of mosquitoes - हिन्दुस्तान संवाद : मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए सरकार करे ठोस उपाय DA Image
9 दिसंबर, 2019|9:25|IST

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हिन्दुस्तान संवाद : मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए सरकार करे ठोस उपाय

हिन्दुस्तान संवाद : मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए सरकार करे ठोस उपाय

राजधानी में कुछेक वर्ष पहले डेंगू का नाम नहीं था। लेकिन हाल के वर्षों में यह तेजी से पैर पसारा है। डेंगू व मच्छरजनित बीमारियां अब शहरों के अलावा अर्द्धशहरी क्षेत्रों व ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से फैल रही है। लेकिन सरकारी पहुंच यहां तक नहीं हो सकी है।

पटना नगर निगम की ओर से नियमित साफ सफाई भी दिखावा बनकर रह गई है। इस तरह की कई बातें सूबे के व्यापारिक संगठनों व समितियों से जुड़े लोगों ने कही। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान की ओर से मच्छर को टक्कर संवाद की कड़ी में बुद्धमार्ग स्थित कार्यालय में नगर निगम से लेकर सरकार पर लोगों ने चोट की। संवाद में बीआईए, बिहार इलेक्ट्रिक ट्रेड एसोसिएशन, बिहार ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ पेपर ट्रेडर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, रेडिमेड गार्मेंटस एसोसिएशन, बिहार साइनेज एसोसिएशन, फर्टिलाइजर डीलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार, न्यू मार्केट दुकानदार कल्याण समिति, बिहार खुदरा विक्रेता महासंघ और पाटलिपुत्र सर्राफा संघ समेत अन्य व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोगों ने संवाद में अपने अपने सुझाव दिये।

राजधानी के मशहूर कारोबारियों ने नगर निगम को नियमित सफाई कराने और डेंगू के संबंध जागरूकता फैलाने की अपील की। सरकार की उदासीनता पर भी व्यापारिक संगठनों से सवाल उठाए तो दूसरी ओर जनता के रूप में सहयोग करने का संकल्प भी लिया। पेश है संवाद में की गईबातचीत के अंश।

पटना में डेंगू व मलेरिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन हमने कहीं नहीं देखा कि सरकार व निगम की ओर से छिड़काव हो रहा हो। राजधानी में खास जगहों पर ही सफाई और छिड़काप हो रहा है। स्लम एरिया व आम जनता के इलाके में छिड़काव व सफाई नदारद है। मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए आदमी को स्वयं पहल करना बेहतर जरूर है, लेकिन सरकारी तंत्र को आम आदमी की चिंता करनी जरूरी है। सार्वजनिक जगहों पर बने शौचालयों व यूरिनल का मेंटेनेंस भी जरूरी है।

रामलाल खेतान, खेतान सुपर मार्केट ऑनर्स एसोसिएशन

डेंगू के मामले अब ग्रामीण क्षेत्र के अलावा अर्द्धशहरी इलाके में बढ़ रहे हैं। इन इलाके में सरकार को विशेष पहल करनी होगी। घरों के आसपास जलजमाव न रहने दें। जहां तक राजधानी का सवाल है, यहां के नाले खुले हैं। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है। फॉगिंग एक हद तक मच्छरों पर नियंत्रण करता है, लेकिन इससे सांस की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि हम सफाई रखें। सरकार डेंगू व मलेरिया जैसी घातक बीमारियों के फैलने से पहले इंतजाम करे।

संदीप सर्राफ, अध्यक्ष, बिहार इलेक्ट्रिक ट्रेड एसोसिएशन

मच्छर को टक्कर मिलकर ही दिया जा सकता है। इस समस्या पर नियंत्रण के लिए निगम को जनता का सहयोग जरूरी है। नाले की सफाई प्रॉपर तरीके से नहीं होने से भी गंदगी फैलती है। कूड़ा उठाव की सरकार पहल सराहनीय है। लेकिन जरूरत इस बात की है कूड़ा उठाव पूरे निगम क्षेत्र में कराया जाए। इसकी निगरानी और नियंत्रण भी जरूरी है। व्यक्तिगत स्तर पर भी हमें स्वच्छता अपनानी होगी।

एमएस भारद्वाज, अवैतनिक सचिव, बिहार ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

मच्छर को हटाने के लिए नियमित सफाई जरूरी है। लेकिन राजधानी में ऐसा नहीं हो रहा। बंदर बगीचा राजधानी के वीआईपी इलाके में है। लेकिन यहां सैकड़ों ठेले वाले अपनी गंदगी रोजाना गिराकर चले जाते हैं। अतिक्रमण से भी शहर में गंदगी फैल रही है। मेरे विचार से डेंगू से बचाव के लिए सरकार इलाज की व्यवस्था कराए। व्यापारिक संगठन के प्रतिनिधि के नाते हमें अपने कार्यस्थल के आसपास किसी भी तरह का पानी नहीं जमने देना चाहिए।

अनिल रिटोलिया, उपाध्यक्ष, बिहार इलेक्ट्रिक ट्रेड एसोसिएशन

कदमकुंआ इलाके में रहते हैं। मेरे विचार से गंदगी पर काबू पाने के लिए प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है। सभी प्रकार के प्लास्टिक वाले पैकेजिंग को कागज में तब्दील करने से राहत मिल सकती है। 50 माइक्रॉन से कम के प्लास्टिक के इस्तेमाल पर दंड लगे। हालांकि, व्यापारिक इलाके में कचरा के लिए संग्रहण केंद्र जरूरी हैं। थर्मोकॉल पर प्रतिबंध स्वागत योग्य है। विदेशों की तर्ज पर सुबह से पहले राजधानी की सफाई होने से गंदगी पर रोक लगेगी।

विजय कुमार करवा, पूर्व अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ पेपर ट्रेडर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया

राजधानी में सफाई के साथ मच्छर भी गंभीर समस्या हो चुके हैं। पहले की तुलना में मच्छरों की संख्या काफी बढ़ गई है। शहर के पुराने मोहल्लों में तो साफ सफाई होती ही नहीं। सफाई का जिम्मा ठेकेदारों पर छोड़ कर निगम के अफसर अपने कर्त्तव्यों की इतिश्री समझ लेते हैं। यह ठीक नहीं है। निगम के अफसरों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। मच्छरों से होने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है।

गुरु प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, रेडिमेड गार्मेंटस एसोसिएशन

समाचार माध्यमों के जरिये नेता अपनी छवि चमकाने के लिए डेंगू व मलेरिया के रोकथाम के सरकारी दावे जरूर करते हैं। लेकिन हकीकत में स्थिति कुछ और होती है। मेरा मानना है कि मच्छरों की समस्या को बिना सरकार की भागीदारी के दूर नहीं किया जा सकता। अभी तक के रवैया से लगता है कि सरकार व निगम के अधिकारी जनता की पीड़ा से बेफिक्र हैं। जगदेव पथ के आनंद विहार कॉलोनी में रहते हैं, यहां छिड़काव सपना है। सरकार हमसे टैक्स लेती है, लेकिन नागरिक के रूप में सुविधा देने में सक्षम नहीं है।

प्रेमचंद श्रीवास्तव, अध्यक्ष, बिहार साइनेज एसोसिएशन

हम एएन कॉलेज के पास शिवपुरी इलाके में रहते हैं। सफाई की हालत ठीक नहीं है। पटना की बनावट बेतरतीब है। मच्छर व डेंगू की समस्या से लाखों की आबादी प्रभावित है। राजधानी में पानी के निकासी की व्यवस्था सही नहीं है। लेकिन निगम व सरकारी तंत्र के असफल होने के बावजूद हमें अपना माइंडसेट बदलने की जरूरत है। सरकार के साथ हम भी पहल करें। समन्वय बनाकर काम करें तो मच्छरों पर काबू पा सकते हैं।

वीरेंद्र सिंह, अध्यक्ष, फर्टिलाइजर डीलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार

समाज में जागरूकता फैलाने के लिए जरूरी है कि हम एक नागरिक के रूप में खुद जागरूक हों। दिल्ली में डेंगू व मच्छरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री हर रविवार को निरीक्षण कर रहे हैं। इससे जनता में सकारात्मक संदेश जा रहा है। मुझे लगता है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के बाद हिन्दुस्तान अखबार ने ही मच्छरों की समस्या को पहचाना है। बरसात में विशेष सफाई अभियान व छिड़काव की मुहिम चलाना बेहतर होगा। व्यापारिक संगठन के रूप में हम अपने पेशे के लोगों को जागरूक करें तो बेहतर परिणाम होंगे।

पुरुषोत्तम कुमार चौधरी, सचिव, पटना थोक वस्त्र व्यवसायी संघ

मच्छर से होने वाली समस्या का निराकरण व्यक्तिगत स्तर पर नहीं हो सकता। राजधानी के इलाके से जलजमाव हटाना सरकार का ही काम है। शहर में फॉगिंग व सफाई के नाम पर निगम की ओर से दिखावा हो रहा है। निगम की ओर से चुनिंदा जगहों पर ही फॉगिंग कराई जा रही है। कुम्हरार में हम रहते हैं, लेकिन वहां गर्मी में भी जलजमाव रहता है। इसके लिए सरकार दोषी है। जन प्रतिनिधियों में आपास में समन्वय जरूरी है।

विनोद कुमार पाठक, अध्यक्ष, मार्बल टाइल्स एंड ग्रेनाइट व्यवसायी कल्याण समिति

यश चोपड़ा जैसी हस्ती की मौत डेंगू से होना इसकी भयावहता बयां करने के लिए काफी है। डेंगू व जानलेवा जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए सबसे अधिक जरूरी है कि हर इलाके में नियमित फॉगिंग कराई जाए। निगम के अफसरों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। न्यू मार्केट में हमारी दुकान आठ दशक से है। बचपन से हम देख रहे हैं कि मार्केट को बेहतर बनाने व सफाई की उचित व्यवस्था निगम ने नहीं की है। न्यू मार्केट में पार्किंग पर कब्जा है, सड़क पर नाली बहता है। इसमें सुधार होना चाहिए।

राजेश कुमार अग्रवाल, वरीय सदस्य, न्यू मार्केट दुकानदार कल्याण समिति

राजधानी में फॉगिंग केवल दिखावा है। किस आधार पर फॉगिंग कराई जा रही है, लोगों को पता चलना चाहिए। कई ऐसे इलाके हैं जहां गंदगी के बावजूद अब तक छिड़काव नहीं हो रहा है। महीनों तक फॉगिंग नहीं कराए जाने से बीमारी फैलतीहै। आम नागरिक के रूप में हमें सरकार पर प्रेशर बनाना चाहिए। हमें अपने मोहल्ले में खुद से सफाई की पहल करनी होगी। दलदली रोड में हमारा व्यवसायिक प्रतिष्ठान है, लेकिन यहां गंदगी काफी है। नाले की सफाई निगम अब तक नहीं करा सका है।

अशोक चंद्रा, अध्यक्ष, बिहार खुदरा विक्रेता महासंघ

20 वर्ष पहले हमलोगों ने डेंगू का नाम तक नहीं सुना था। लेकिन अब हर इलाके में लोग इससे प्रभावित हैं। सड़क में जलजमाव से भी डेंगू का खतरा है। निगम व सरकार को चाहिए कि डेंगू जिस चीज से पैदा होता है, उसकी जांच कराई जाए। डेंगू पर शोध के लिए पहल होनी चाहिए। इससे डरने की बजाए जागरूकता जागरूकता फैलानी चाहिए। हमारे दुकान में लोग खाने के सामान से ज्यादा साफ सफाई के सामान खरीद रहे हैं। यह ठीक स्थिति नहीं है। होल्डिंग टैक्स के बावजूद कूडा उठाव समेत दूसरे मद में निगम टैक्स का बोझ बढ़ा रही है। इस पर रोक लगे।

रमेश तलरेजा, महासचिव, बिहार राज्य खुदरा विक्रेता महासंघ

पटना शहर में पहले के वर्षों की तुलना में सफाई की स्थिति सुधरी है। बाकरगंजमें पहले सड़क पर ही कूड़ा पसरा रहता था, लेकिन हमलोगों ने निगम के कर्मी व सुपरवाइजर से तालमेल बिठाकर सफाई की स्थिति में सुधार कराया है। मुझे लगता है कि मच्छरों से होने वाली समस्या पैदा होने से पहले ही हम अपने अपने पार्षदों को सफाई, फॉगिंग व दूसरे कामों के लिए दबाव बनायें।

विनोद कुमार, प्रेसिडेंट, पाटलिपुत्र सर्राफा संघ

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