बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाएगा आयुर्विद्या : मंगल
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पांच विशेष कार्यक्रमों की शुरुआत की है। इनमें सुप्रजा, मोबाइल मेडिकल यूनिट, वयोमित्र, आयुर्विद्या और फाइलेरिया कार्यक्रम शामिल हैं। आयुर्विद्या कार्यक्रम के तहत स्कूलों में बच्चों को योग की शिक्षा दी जाएगी और विशेष चिकित्साएं ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचाई जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए पांच बड़े विशेष कार्यक्रम सुप्रजा, मोबाइल मेडिकल यूनिट, वयोमित्र, आयुर्विद्या और फाइलेरिया कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसी के तहत आयुर्विद्या कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगायी जाएगी। इसके माध्यम से स्कूलों में बच्चों को योग की जानकारी दी जाएगी। श्री पांडेय ने कहा कि राज्य आयुष समिति राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत कार्यक्रम संचालित करा रही है। इसमें योग, आयुर्वेद और विशिष्ट चिकित्सा पर जोर दिया जाएगा। वहीं, राज्य के सुदूर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक विशिष्ट चिकित्साएं पहुंचाई जा सकेंगी।
उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए ‘सुप्रजा’ कार्यक्रम पटना, दरभंगा, बक्सर, भागलपुर और बेगूसराय के राजकीय आयुर्वेदिक एवं तिब्बी कॉलेजों के माध्यम से चलाया जाएगा। बुजुर्गों को वृद्धावस्था की बीमारियों से राहत देने के लिए जिला स्तर पर वयोमित्र शिविर लगेंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को समावेशी बनाते हुए विभाग ने आदिवासी क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है। रोहतास, भोजपुर, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार भागलपुर और पश्चिम चंपारण जैसे जिलों में ‘मोबाइल मेडिकल यूनिट’ से सुगम उपचार मिलेगा। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए ‘फाइलेरिया कार्यक्रम’ को भी इस मिशन में प्रमुखता दिया गया है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए पटना, दरभंगा, बक्सर और भागलपुर के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेजों के साथ समस्तीपुर और नालंदा जिलों में विशेष यूनिट स्थापित होगी।
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