
आंगनबाड़ी के 52.66 % बच्चों का हेल्थ कार्ड बना, इलाज में मिल रही मदद
बिहार में आंगनबाड़ी केंद्रों के 52.66 फीसदी बच्चों के हेल्थ कार्ड बन चुके हैं। इससे 30 फीसदी माता-पिता को इलाज में मदद मिली है। 0 से 6 साल तक के बच्चों के लिए हेल्थ कार्ड बनाया जा रहा है, लेकिन अब भी 48 फीसदी बच्चों का हेल्थ कार्ड बनाना बाकी है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को सरकारी अस्पतालों में इलाज की मुफ्त सुविधा मिले, इसके लिए हेल्थ कार्ड बनाया जाना है। राज्य में अब तक 52.66 फीसदी यानी 52 लाख 11 हजार 407 बच्चों का हेल्थ कार्ड बन चुका है। इसकी मदद से 30 फीसदी के लगभग अभिभावकों को बच्चे के इलाज में मदद भी मिल चुकी है। एक साल पहले वर्ष 2025 जनवरी में राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में मात्र एक फीसदी ही बच्चों का हेल्थ कार्ड बना था। अधिक से अधिक बच्चों का हेल्थ कार्ड बने, इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित कैंप का आयोजन किया गया। इसमें जीरो से छह साल तक के सभी बच्चों का हेल्थ कार्ड बनाया जा रहा है।
देशभर में बिहार अब एक ऐसा राज्य भी बन गया है जहां के आंगनबाड़ी केंद्रों में सबसे ज्यादा बच्चों का हेल्थ कार्ड बन चुका है। उत्तर प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में अबतक लगभग तीन फीसदी, उत्तराखंड में 10 फीसदी, झारखंड में 27 फीसदी ही बच्चों का हेल्थ कार्ड बन पाया है। इलाज से लेकर आवासन तक में मिलती सुविधा एक बार हेल्थ कार्ड बनने के बाद बच्चों को हर तरह की बीमारी में इलाज की सुविधा दी जाती है। इसमें अस्पतालों में इलाज के साथ दवा और रहने की सुविधा भी दी जाती है। आंगनबाड़ी केंद्रों में जीरो से छह साल तक के बच्चे पंजीकृत होते हैं। ऐसे में बच्चें आए दिन बीमार होते हैं। इससे उन्हें हेल्थ कार्ड की सुविधा दी गई है। लेकिन अब भी 48 फीसदी के लगभग बच्चों का हेल्थ कार्ड बनाया जाना है। माता-पिता के आधार पर मिल रहा योजना का लाभ आंगनबाड़ी केंद्र में अधिकतर बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है। ऐसे में अभी माता पिता के आधार कार्ड के सत्यापन करने के बाद योजना का लाभ बच्चों को मिल रहा है। वहीं आंगनबाड़ी केंद्र में ही आधार सेवा केंद्र खोला जाना था। लेकिन, अभी तक इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। बिहार समेत अन्य राज्यों पर एक नजर राज्य - कुल संख्या बिहार - 52,11,407 (52.66%) उत्तर प्रदेश - 4,85,898 (2.89%) उत्तराखंड - 74,431 (10.19%) झारखंड - 7,17,194 (27.35%) पंजाब - 1,39,050 (9.3%) राजस्थान - 5,49,130 (15.08%)

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