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अटलजी की कविताओं को जीवन में उतारें : राज्यपाल

अटलजी की कविताओं को जीवन में उतारें : राज्यपाल

राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा है कि अटल बिहारी वाजपेयी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब उनकी कविताओं के भाव को जीवन में उतारा जाए। वे केवल यशस्वी प्रधानमंत्री ही नहीं हुए बल्कि पत्रकार, गीतकार, कवि, नीतिकार सहित न जाने उनके कितने रूप थे, जो हमें प्रेरणा देते हैं।

ज्ञान भवन में आयोजित अटल काव्यांजलि में राज्यपाल ने कहा कि अटलजी वाणी व लेखनी के धनी थे। उनकी शख्सियत इतनी महान थी कि उन्होंने कभी किसी की आलोचना नहीं की। जब भी कोई गंभीर बात होती तो वे कविता के माध्यम से उसे प्रकट करते। वे खुद से सवाल करते तो वह कविता बन जाती। उनकी जीवनी के बारे में अगर बोला जाए तो जीवन गुजर जाएगा।

उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अटलजी के निधन के एक महीना पूरा होने पर 16 सितम्बर को अटल काव्यांजलि का आयोजन किया जा रहा है। कवि हृदय होने के बावजूद उन्होंने परमाणु परीक्षण कर दुनिया को जता दिया था कि वे कितने बड़े नीतिकार थे। उसी रास्ते पर मौजूदा पीएम नरेन्द्र मोदी हैं, जिन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक किया। बिहार से अटल जी के संबंधों को याद करते हुए कहा कि 100 से अधिक परिवार ऐसे हैं जिनके घर वे रुका करते थे। पार्टी की ओर से एक पुस्तक का प्रकाशन किया जा रहा है। लोग चित्र व अटल जी से जुड़ी यादें साझा करें तो उसे पुस्तक में शामिल किया जाएगा। पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव और भवन निर्माण महेश्वर हजारी ने भी अपने विचार रखे।

स्वागत भाषण में सांसद आरके सिन्हा ने कहा कि नीरज और अटलजी दोस्त थे, दोनों कवि थे। दोनों कुछ ही दिनों के अंतराल पर इस दुनिया से विदा हुए। समारोह में अमिता सिन्हा, पवन कुमार देव, डॉ. कुमार अरुणोदय व हर्ष नंदन को अपने-अपने क्षेत्र के लिए सम्मानित किया गया। मौके पर महापौर सीता साहू, विधायक अरुण कुमार सिन्हा, संजीव चौरसिया व नितिन नवीन, पूर्व सांसद राजनाथ सिंह सूर्य, पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।

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  • Web Title:Governor says implement poems of Atalji in life