विश्वविद्यालयों में शोध और विकास कार्य के लिए मिले 73 करोड़

Newswrap हिन्दुस्तान, पटना
share

राज्य में पीएम उषा योजना के तहत 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने 73 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इसमें राज्य सरकार का 40 प्रतिशत हिस्सा 29.20 करोड़ होगा। इस वित्तीय वर्ष में लगभग 100 करोड़ रुपए से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विकास कार्य होंगे। पिछले वित्तीय वर्ष में केवल 4 करोड़ का ही आवंटन हुआ था।

विश्वविद्यालयों में शोध और विकास कार्य के लिए मिले 73 करोड़

अब विश्वविद्यालयों में विकास और शोध कार्य को रफ्तार मिलेगी। राज्य में पीएम उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने 73 करोड़ दिए हैं। इसमें राज्य सरकार को भी 40 प्रतिशत यानी 29.20 करोड़ रुपए राज्यांश देना है। इस तरह इस वित्तीय वर्ष में लगभग 100 करोड़ रुपए से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विकास कार्य होंगे। इस संबंध में केंद्र सरकार ने पिछले दिनों राज्य सरकार को पत्र भेज दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार के विश्वविद्यालयों के लिए 387 करोड़ का प्रावधान किया गया था। यह राशि 31 मार्च 2028 तक विश्वविद्यालयों में शोध सहित विकास कार्य पर खर्च की जा सकती है।

हालांकि 2025-26 में इसमें से मात्र 4 करोड़ की राशि केंद्र से मिल सकी थी। पिछले वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए पटना विश्वविद्यालय और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के लिए 100-100 करोड़ मिलने थे। भूपेंद्र नारायण मंडल विवि (बीएनएमयू), जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय और नालंदा खुला विश्वविद्यालय के लिए 20-20 करोड़ का प्रावधान किया गया था। विभिन्न जिलों में चयनित 15 कॉलेजों को 5-5 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया था।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।