पितृपक्ष मेला: श्रद्धालुओं को ढाई हजार बेड वाले टेंट सिटी की सुविधा
गयाजी पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं के लिए ढाई हजार बेड वाले टेंट सिटी तैयार है। यह सुविधा गांधी मैदान में 6 से 21 सितंबर तक उपलब्ध होगी। पर्यटन विभाग ने पितृपक्ष को लेकर विशेष पैकेज भी घोषित किए हैं।...

गयाजी पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं के लिए ढाई हजार बेड वाले टेंट सिटी बनकर तैयार हो गई है। पर्यटन विभाग की ओर से यह सुविधा शहर के गांधी मैदान में उपलब्ध कराई गई है। यह सुविधा शनिवार 6 सितंबर से 21 सितंबर तक आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं को मिलेगी। पर्यटन विभाग के अनुसार, इसमें मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ, तीर्थ यात्रियों को 24 घंटे सूचना और सहयोग प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित गाइडों की प्रतिनियुक्ति की गई है। गयाजी रेलवे स्टेशन पर पर्यटक सहायता केंद्र का निर्माण किया गया है। पर्यटन विभाग ने पटना के पुनपुन में भी पर्यटन सूचना केंद्र की स्थापना की है ताकि पिंडदान व तर्पण के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं हो।
पुनपुन में पिंडदान और तर्पण की महिमा को लेजर शो के माध्यम से भी दिखाया जाएगा। पितृपक्ष को लेकर विशेष पैकेज : बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने पितृपक्ष को लेकर विशेष पैकेज की घोषणा की है। जिसमें देशभर के लोग दिलचस्पी दिखा रहे हैं। अब तक 15 यात्रियों ने पितृपक्ष पैकेज की बुकिंग कराई है। इसके साथ ही लगातार बुकिंग की जा रही है। गयाजी में सालों भर होता है पिंडदान : वैसे तो, गयाजी में पिंडदान पूरे वर्ष कभी भी किया जा सकता है। लेकिन, 15 दिवसीय पितृपक्ष पर्व या किसी भी मास के कृष्ण पक्ष के अंतिम, पांचवें, तीसरे या एकादशी के दिन पिंडदान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। पूर्व में गयाजी में पिंडदान के लिए 360 तीर्थ स्थल माने जाते थे। वर्तमान में मुख्यतः विष्णुपद मंदिर, अक्षय वट, फल्गु नदी, पुनपुन नदी, रामशिला, प्रेतशिला, ब्रह्मयोनि पहाड़ी, डाकबंगला परिसर आदि स्थानों पर पिंडदान होता है।
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