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चार हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनेंगी

बिहार में इस वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) का पहला चरण पूरा हो जाएगा। अगले वित्तीय वर्ष अप्रैल से दूसरा चरण शुरू होगा। इसमें प्रथम फेज में चार हजार किलोमीटर सड़कें बनेंगी। इस फेज में ग्रामीण सड़कों को बड़ी व सीधी सड़कों से जोड़ा जाएगा।

सड़कें चौड़ी भी की जाएंगी। खासकर स्कूल, कॉलेज व अस्पताल के आसपास की सड़कें अधिक चौड़ी होंगी। अभी प्रधानमंत्री सड़क योजना में सड़क की चौड़ाई 3.75 मीटर है। द्वितीय फेज में जगह की उपलब्धता के अनुसार सड़कों का चौड़ीकरण होगा। द्वितीय फेज में इन सड़कों के लिए सांसद व विधायकों से फीडबैक लिया जाएगा।

बिहार में कुल एक लाख किलोमीटर सड़कें हैं और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कुल 55 हजार 646 किलोमीटर सड़कें बननी हैं। अब सिर्फ 5 हजार किलोमीटर सड़कें ही बनने शेष हैं, जो इस वित्तीय वर्ष के अंत तक तैयार हो जाएंगी। वित्तीय वर्ष 2016-17 में 6540 किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य था लेकिन 6600 किलोमीटर सड़कें बन चुकी हैं। इसके लिए 5 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किये गये थे जिसमें 3 हजार करोड़ केन्द्र व 2 हजार करोड़ रुपए राज्य ने दिये। वित्तीय वर्ष 20117-18 में 7 हजार किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य था। इसके लिए 5500 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया था। ग्रामीण कार्य विभाग का कहना है कि वर्ष 2019 के मार्च तक बाकी बचीं 5 हजार किलोमीटर सड़कें बन जाएंगी। इसके बाद प्रधानमंत्री सड़क योजना की द्वितीय फेज शुरू होगी। इसमें प्रथम फेज में चार हजार किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

कोट

बिहार में प्रधानमंत्री सड़क योजना का दूसरा चरण अप्रैल से शुरू होगा। प्रथम चरण में चार हजार किलोमीटर का लक्ष्य है।

- विनय कुमार, सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग

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  • Web Title:Four thousand rural roads will be constructed