बारिश और गंगा-पुनपुन में उफान से पटना में 20 हजार हेक्टेयर में लगी फसल बर्बाद

बारिश और गंगा-पुनपुन में उफान से पटना में 20 हजार हेक्टेयर में लगी फसल बर्बाद

संक्षेप:

पटना जिले में झमाझम बारिश और नदियों के उफान से 13 प्रखंडों के 115 पंचायतों में बाढ़ से 20,000 हेक्टेयर फसलों को नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों को कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सहायता दी जाएगी। आवेदन...

Aug 27, 2025 10:28 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पटना
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जिले में झमाझम बारिश और नदियों के उफान के बाद कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ और जलजमाव से जिले के 13 प्रखंडों के 115 पंचायतों में लगभग 20 हजार हेक्टेयर में लगी खरीफ की फसलों को नुकसान का अनुमान है। धान के अलावा सब्जियों और मक्के की खेती प्रभावित हुई है। पटना जिले में हुई क्षति की भरपाई के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना(2025-26) के तहत प्रभावित किसानों से आवेदन मांगा गया है। बीते सोमवार से जारी आवेदन में जिला के ढाई हजार से ज्यादा किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। डीबीटी एग्रीकल्चर वेबसाइट पर मांगे गए आवेदन में प्रभावित किसान निबंधन करा कर क्षतिपूर्ति के दावे कर रहे हैं।

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जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) पटना अविनाश शंकर ने बताया कि पटना जिला के लगभग 50 हजार किसानों की फसल अतिवृष्टि और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण हुए जलजमाव से बर्बाद हुए हैं। आवेदन देने वाले किसानों के आवेदनों की भौतिक सत्यापन के बाद इन्हें इनपुट अनुदान योजना के तहत क्षतिपूर्ति देने की अनुशंसा की जाएगी। किसानों को क्षतिपूर्ति दावों की राशि ऑनलाइन बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। प्रति किसान 2 हेक्टेयर तक ही अनुदान : डीएओ ने स्पष्ट किया है कि फसल क्षति के मामले में प्रति किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर (494 डिसिमिल) भूमि तक के लिए ही अनुदान राशि दी जाएगी। कहा कि नदियों के जलस्तर में कमी आने के बाद पटना के बाढ़ प्रभावित विभिन्न प्रखंडों में प्रखंड कृषि पदाधिकारी के माध्यम से दोबारा जांच करायी जाएगी। पानी उतरने के बाद यदि फसल क्षति हुई होगी तो उन किसानों को भी अनुदान योजना का लाभ दिया जा सकेगा। आवेदनों की होगी जांच : डीएओ ने बताया कि ऑन लाइन आवेदनों की कई स्तर से जांच करायी जा रही है। सबसे पहले जांच कर कृषि समन्वयक अनुमंडल कृषि पदाधिकारी को रिपोर्ट भेजेंगे। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी जांच के उपरांत जिला कृषि पदाधिकारी को रिपोर्ट देंगे। इसके बाद डीएओ स्तर से जांच के उपरांत भुगतान की अनुशंसा की जाएगी। किन फसलों और किन इलाकों में ज्यादा नुकसान : पटना जिला के फतुहा, दनियावां, बाढ़, मोकामा, घोसवरी सहित पूर्वी पटना के प्रखंड अत्यधिक बारिश और नदियों के उफान से प्रभावित हुए है। डीएओ बताते हैं कि पटना पूर्वी के प्रखंडों में लगी धान की फसल को नुकसान हुआ है। पटना सदर इलाके के प्रखंडों में सब्जियों की खेती प्रभावित हुई है। वहीं घोसवरी प्रखंड के कुछ इलाके में मक्का की फसल काफी प्रभावित हुई है।