class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

शौचालय घोटाला : मुख्य आरोपी बिटेश्वर तेलंगाना से गिरफ्तार 

मुख्य आरोपी बिटेश्वर

शौचालय घोटाले में गुरुवार को एसआईटी ने मुख्य आरोपित पीएचईडी के लेखापाल बिटेश्वर प्रसाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसे तेलंगाना के बालानगर जिले के जगदगिरी गुटा थाने की रिंग बस्ती से दबोचा गया। वह वहां अपने बहनोई के घर में छिपकर रह रहा था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उसके हस्ताक्षर से बैंक से पैसे की निकासी हुई थी।

एनजीओ संचालिका बॉबी से उसकी पुरानी पहचान है। उसने ही बॉबी को एनजीओ खोलने का रास्ता बताया था। घोटाले में मोटी रकम उसे भी मिली है। दोपहर में तेलंगाना कोर्ट में बिटेश्वर को पेश करने के बाद एसआईटी उसे ट्रांजिट रिमांड पर पटना लेकर आ रही है। 
एसआईटी को देखकर बैठ गया पेट पकड़कर 
जानकारी के मुताबिक- एसआईटी ने जैसे ही उसके बहनोई के घर का दरवाजा खुलवाया, उसके बहनोई और बिटेश्वर के होश उड़ गये। उसने खुद को निर्दोष बताया। कहा कि घोटाले का मास्टरमाइंड कार्यपालक अभियंता विनय कुमार सिन्हा है। उसके कहने पर ही सारा काम किया। एसआईटी टीम ने जब उसे साथ चलने के लिए कहा तो वह पेट पकड़ कर जमीन पर बैठ गया। बाद में एसआईटी तेलंगाना पुलिस की मदद से उसे लेकर थाने तक पहुंची। 
बिटेश्वर के कहने पर बॉबी ने बनाया था एनजीओ
एसएसपी ने बताया कि मां सर्वेश्वरी सेवा संस्थान एनजीओ का रजिस्ट्रेशन नहीं है। बिटेश्वर के कहने पर बॉबी ने एनजीओ बनाया था। दोनों में अच्छी दोस्ती थी। एनजीओ की आड़ में बिटेश्वर ने करोड़ों रुपये की कमाई की है। बॉबी ने भी एनजीओ से ज्यादा संपति बनायी है। 

पटना में बिटेश्वर के पास तीन करोड़ से ज्यादा की संपत्ति
शौचालय घोटाले के मास्टरमाइंड बिटेश्वर ने एनजीओ संचालकों के साथ मिलकर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। एक एनजीओ से एक-दो करोड़ रुपये लेता था। इस घोटाले में उसे तीन-चार करोड़ रुपये मिले हैं। इस रकम से उसने दानापुर व उससे सटे इलाके में तीन करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बनायी है। इसके अलावा बिहार के कई जिलों में उसने करोड़ों की संपत्ति बनाई है। पुलिस को शक है कि उसने तेलंगाना में अपने बहनोई की मदद से वहां भी संपत्ति खरीदी है। 
बेड के पास मिलीं शराब की खाली बोतलें
अक्टूबर में पटना छोड़ने के बाद बिटेश्वर ओडिशा की जगन्नाथ पुरी में सैर-सपाटा कर रहा था। गांधी मैदान थाने में मामला दर्ज होने के बाद से उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया था। दूसरे के नाम पर नया सिम लेकर परिवार वालों से बात कर रहा था। एसआईटी उसके परिवार वालों के नंबर से उसके लोकेशन तक पहुंची। नए नंबर से वह अपने बहनोई से लगातार संपर्क में था। तेलंगाना में जब उसके बहनोई के घर एसआईटी पहुंची, वह एसी लगे कमरे में लुंगी-गंजी पहनकर आराम से सो रहा था। उसके बेड के पास शराब की कुछ खाली बोतलें रखी थीं। 
बॉबी से शादी समारोह में हुई थी मुलाकात
बिटेश्वर ने पूछताछ में बताया कि ढाई साल पहले बख्तियारपुर के एक शादी समारोह में बॉबी से मुलाकात हुई थी। उसने बॉबी को एनजीओ बनाकर मोटी रकम कमाने की सलाह दी थी। बॉबी ने उसके कहने पर मां सर्वेश्वरी सेवा संस्थान नाम से एक एनजीओ बनाया। उसमें कोषाध्यक्ष प्रमिला सिंह, सचिव मनोज कुमार व अध्यक्ष खुद बॉबी बन गई। शौचालय घोटाले के अलावा कई सरकारी योजनाओं के लिए काम कराने का पैसा उसके खाते में गया था। उसमें से 90 प्रतिशत राशि उसने निकाल ली थी।

बिटेश्वर को गिरफ्तार कर पटना लाया जा रहा है। यहां उससे पूछताछ की जाएगी। घोटाले से जुड़े अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

-मनु महाराज, एसएसपी 


 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Five arrested in Toilet scam in patna
बिहार: शहाबुद्दीन को पटना हाईकोर्ट का झटका, सरकारी खर्च पर केस लड़ने पर रोकOMG! शराब छुपाने का ऐसा तरीका : ट्रैक्टर के डाले को काटकर ले जायी जा रही थी 50 कार्टन शराब