
क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में तीन मृतकों के परिजनों ने कराया नेत्रदान
आईजीआईएमएस के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में एक ही दिन तीन लोगों ने नेत्रदान किया। यह पहली बार हुआ है जब परिजनों ने मृत्यु के बाद अपने प्रियजनों के नेत्रदान का निर्णय लिया। नालंदा, मनेर और पटना के तीन मरीजों ने कोर्निया के कारण अंधत्व से पीड़ित लोगों के लिए नेत्रदान किया।
आईजीआईएमएस के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में एक ही दिन तीन लोगों का नेत्रदान हुआ। ऐसा पहली बार हुआ जब अपने को खोने के बाद उनके परिजनों ने नेत्रदान का निर्णय लिया और संस्थान में ही नेत्रदान कराया। तीनों मरीज आईजीआईएमएस में भर्ती थे। नालंदा निवासी गिरानी महतो 61 साल की मृत्यु के बाद उनके बेटे गौतम कुमार ने नेत्रदान कराया। मनेर निवासी कौशल कुमार (29 वर्ष) के निधन के बाद उनके परिजन ने नेत्रदान का निर्णय लिया। साथ ही 66 वर्षीय इन्दु देवी की मृत्यु के बाद उनके बेटे बेटियों ने नेत्रदान कराया। आई बैंक ऑफ बिहार की टीम जिसमें मारुति कुमार, संजीता कुमारी बलदेव कुमार एवं जूही कुमारी ने प्रमुख भूमिका निभाते हुए इन परिवारों की काउंसिलिंग की तथा इसके पश्चात यह परिवार उन मरीजों की सेवा के लिए जिन्हें कोर्निया के कारण अंधत्व है उनके लिए अपने परिजन का नेत्रदान करने की सहमति दी।
एक दिन में पटना के अंदर तीन कोर्निया डोनेशन का यह पहला अवसर है। क्षेत्रीय चक्षु संस्थान के प्रमुख डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने बताया की हमारी संस्थान पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। बिहार की जनता का विश्वास इस मुहिम के साथ जुड़ता जा रहा है। बिहार के सुदूर क्षेत्रों के लोग भी नेत्रदान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। आई बैंक ऑफ बिहार और क्षेत्रीय चक्षु संस्थान में डॉ. नीलेश मोहन, डॉ.राखी,डॉ. अंकिता सिंह, डॉ. पल्लवी डोकानिया, डॉ. वंदना पराशर लगातार कार्य को देख रही है। संस्थान के निदेकश डॉ. बिंदे कुमार तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जाहिर की

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