फसल अवशेष प्रबंधन कर पर्यावरण बचाएं : रामकृपाल
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने किसानों से फसल अवशेष प्रबंधन के उपकरणों पर 40 से 80 फीसदी तक अनुदान लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्ट्रॉ रीपर और स्ट्रॉ बेलर जैसे आधुनिक यंत्रों का उपयोग पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है। किसान ऑनलाइन आवेदन कर इन यंत्रों को अनुदानित दर पर खरीद सकते हैं।

फसल अवशेष प्रबंधन वाले कृषि उपकरणों पर 40 से 80 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने किसानों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है। मंगलवार को उन्होंने कहा कि किसानों के लिए लाभकारी होने के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी पराली प्रबंधन जरूरी है। किसानों को स्ट्रॉ रीपर और स्ट्रॉ बेलर जैसे आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। स्ट्रॉ रीपर पर सामान्य श्रेणी को 40 फीसदी या 1.20 लाख, एससी-एसटी को 50 फीसदी या अधिकतम डेढ़ लाख, स्ट्रॉ बेलर पर सामान्य श्रेणी को 75 फीसदी या अधिकतम 2.25 लाख, एससी-एसटी को 80 फीसदी या अधिकतम 2.50 लाख, स्क्वायर-रेक्टेंगुलर बेलर पर सामान्य श्रेणी को 40 फीसदी या अधिकतम 5.28 लाख और एससी-एसटी को 50 फीसदी या 6.60 लाख रुपये अनुदान दिये जाएंगे।
उन्होंने कहा कि किसान ऑनलाइन आवेदन कर अनुदानित दर पर इन कृषि यंत्र खरीद सकते हैं। स्ट्रॉ रीपर का उपयोग कम्बाइन हार्वेस्टर से फसल कटाई के बाद खेत में बचे फसल अवशेष को काटकर भूसा बनाने में किया जाता है। यह मशीन भूसा को पीछे चल रही ट्रॉली में जमा करती है तथा बची हुए बालियों से अन्न निकालकर अलग जमा करती है। वहीं, स्ट्रॉ बेलर मशीन कम्बाइन हार्वेस्टर से कटाई के बाद खेत में बचे फसल अवशेष को इकट्ठा कर गट्ठर बनाती है। इसका उपयोग मवेशियों के चारा एवं औद्योगिक इकाइयों में किया जाता है।
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