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ई-वे बिल से उद्यमियो को होगा लाभ

ई-वे बिल से व्यवसायियों को अपने माल को लाने व भेजने में सुविधा होगी। इससे करदाता एवं कंपोजिशन करदाता दोनों को सुविधा होगी। वाणिज्यकर विभाग ने राज्य के व्यवसायियों को बिहार ई-वे बिल की सुविधा प्रदान की है। विभाग के संयुक्त आयुक्त राजेश कुमार ने बताया कि राज्य के अपने राजस्व को सुरक्षित करने के लिए यह तात्कालिक व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था तबतक के लिए की गई है, जब तक जीएसटी काउंसिल द्वारा अंतिम रूप से ई-वे बिल के प्रारूप को मंजूरी प्रदान नहीं कर दी जाती है। हालांकि जीएसटी कानून में ई-वे बिल को लेकर नियम पहले से तय है। सिर्फ इसके प्रारूप पर मंथन हो रहा है। क्या है ई-वे बिल ई-वे बिल व्यवसायियों द्वारा माल एवं सेवाओं के परिवहन को लेकर इलेक्ट्रॉनिक रूप से की गई एक व्यवस्था है जिसमें रोड परमिट का सृजन किया जाता है। श्री कुमार ने बताया कि ई-वे बिल को लेकर वाणिज्यकर विभाग ने पूर्व की परंपरा को ही नए तरीके से जारी रखा है। इसमें परिवहन किए जाने वाले वस्तु की जानकारी, जहां से लाना व ले जाना है उस स्थल का नाम, इन्वायस का नंबर, मूल्य, किस वाहन से ले जाया जाएगा उसकी जानकारी इत्यादि दी जानी है। इसमें दी गयी जानकारी से अधिक माल के परिवहन पर विभाग कार्रवाई कर उसे जब्त कर सकता है। 50 हजार से अधिक का माल दूसरे राज्यों से मंगाने पर बनाना होगा बिल श्री राजेश कुमार ने बताया कि 50 हजार से अधिक मूल्य के माल राज्य से बाहर भेजने या मंगाने पर ई-वे बिल बनाना होगा। वहीं, राज्य के अंदर एक स्थान से दूसरे स्थान तक माल ले जाने व लाने के लिए ई-वे बिल बनाना होगा। कंपोजिशन करदाताओं को छोड़कर शेष के लिए टैक्स इन्वायस जारी करना होगा। करमुक्त एवं कंपोजिशन योजना वाले व्यवसायियों को आपूर्ति बिल जारी करना होगा।

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  • Web Title: enterprises will benefit to E-way bill