बिहार में दलहन उत्पादन और खरीद की ठोस व्यवस्था हो : निधि खरे
केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय की सचिव निधि खरे ने बिहार में दलहन के उत्पादन को बढ़ाने और उसकी खरीद की ठोस व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को धान के साथ दाल की खेती को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में उपभोक्ता संरक्षण के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की सचिव निधि खरे ने कहा कि बिहार में दलहन के उत्पादन और इसकी अधिप्राप्ति (खरीद) की ठोस व्यवस्था होनी चाहिए। बिहार की कृषि मजबूत है। यहां दलहन की भी काफी संभावनाएं है। इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। निधि खरे मंगलवार को पटना में पूर्वी राज्यों में उपभोक्ता संरक्षण पर आयोजित कार्यशाला में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि देश में लोगों ने अपने भोजन में धान और गेहूं की मात्रा पहले की अपेक्षा कम कर दिया है। दाल की खपत बढ़ रही है। ऐसे में किसानों को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए कि धान के साथ दाल को भी प्राथमिकता दें।
उन्होंने आगे कहा कि उपभोक्ता संरक्षण बड़ी जिम्मेदारी है, जो हम सभी के ऊपर है। ई-जागृति को ऑनलाइन मॉडल के रूप में अपनाते हुए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन) ‘1915’ का गठन किया गया है। साथ ही आईआईटी कानपुर के सहयोग से एनसीएच 2.0 के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स का उपयोग किया जा रहा है। इससे पिछले आठ महीनों में उपभोक्ताओं को 45 करोड़ रुपये का रिफंड दिलाया गया है। मौके पर केंद्रीय अपर सचिव अनुपम मिश्रा, ओडिशा खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार सिंह, बिहार के विभागीय सचिव अभय कुमार सिंह, सचिव नैय्यर इकबाल समेत ओडिशा, झारखंड के उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष, सदस्य आदि उपस्थित थे। देश में दलहन का वार्षिक आयात अरहर आठ लाख मैट्रिक टन चना 18 लाख मैट्रिक टन उड़द पांच लाख मैट्रिक टन देश में दलहन का उत्पादन :- 250 से 300 लाख मैट्रिक टन चना 121 लाख मैट्रिक टन अरहर 36 से 40 लाख मैट्रिक टन बॉक्स : नागरिकों को सेवाओं को उपभोक्ता के रूप में देखें : प्रत्यय मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कार्यशाला में कहा है कि समय आ गया है, जब सरकार को नागरिकों को केवल सेवाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के रूप में देखना चाहिए। हर नागरिक सरकारी की योजनाओं की स्पष्ट जानकारी, निष्पक्ष व्यवहार, समयबद्ध समाधान और जवाबदेह परिणाम के हकदार हैं। जब कोई व्यक्ति कोई सामान या सेवा खरीदता है, तो उसकी अपेक्षाएं सरल और तात्कालिक होती हैं। वह चाहता है कि उत्पाद या सेवा सही ढंग से काम करे, सुरक्षित हो और किफायती हो। किसी भी एप या प्रणाली की डिजाइन में आम आदमी को केंद्र में रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज की यह कार्यशाला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके केंद्र में वही उपभोक्ता है, जिस पर हमें अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
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