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मजदूरों के निबंधन में फिसड्डी श्रम अधिकारियों का रुकेगा वेतन

मजदूरों के निबंधन के काम में फिसड्डी श्रम अधिकारियों का वेतन रुकेगा। अगली समीक्षा बैठक तक अगर अधिकारियों ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो सरकार इस पर अमल करेगी। मंगलवार को विभागीय समीक्षा के दौरान श्रम मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दो टूक कहा कि सरकार की योजनाएं धरातल पर उतरे, यह अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा।

बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रम मंत्री ने कहा कि मुंगेर, लखीसराय, सहरसा, मधेपुरा, सीवान, पटना, गोपालगंज, रोहतास, वैशाली, किशनगंज व समस्तीपुर में मजदूरों का निबंधन कार्य ठीक तरह से चल रहा है। लेकिन, कैमूर, शिवहर, मधुबनी, खगड़िया, मुजफ्फरपुर का प्रदर्शन ठीक नहीं है। अगर अगली समीक्षा बैठक के बाद भी इनका प्रदर्शन नहीं सुधरा तो निबंधन की गति ठीक होने तक इन अधिकारियों का वेतन रोक दिया जाएगा। बेहतर काम पर पुरस्कार भी दिया जाएगा।

¸मंत्री ने कहा कि हर पंचायत में कम से कम 100-100 मजदूरों का निबंधन का लक्ष्य है ताकि आठ लाख पूरे राज्य में मजदूरों का निबंधन हो। बैंक व आधार का ब्योरा मिलने पर निबंधन होगा और बाद में सरकारी योजनाओं का लाभ आरटीजीएस से सीधे खाते में भेजा जाएगा। स्वाभाविक मौत में आवेदन देने पर 30 हजार व दुर्घटना में एक लाख रुपये दिए जाएंगे। 23 दिन में इसकी प्रक्रिया पूरी होगी।

श्री सिन्हा ने कहा कि विभाग में 542 की तुलना में 250 श्रम प्रवर्तन अधिकारी कार्यरत हैं। तीन दर्जन अधिकारी सीओ के तौर पर काम कर रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग से अनुरोध किया गया है कि वे श्रम विभाग के अधिकारियों को तत्काल छोड़ दें। बिहार दुकानदार प्रतिष्ठान अधिनियम पर सुझाव मांगा गया है, ताकि उसके अनुसार उसमें संशोधन किया जा सके।

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  • Web Title:Empty labor wages will be canceled in case of laborers