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सांसदों की मौजूदगी में ही शुरू होंगी बिजली परियोजनाएं

केंद्र प्रायोजित योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन या लोकार्पण सांसदों की मौजूदगी में करना होगा। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस बाबत राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि वह सांसदों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। साथ ही चल रही परियोजनाओं के बारे में पूरा ब्योरा एक साइनबोर्ड पर लिखवाने को भी कहा गया है ताकि आम लोगों को पूरी जानकारी उपलब्ध हो।

कई सांसदों की ओर से केंद्र सरकार को यह शिकायत की गई थी कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के शिलान्यास या उद्घाटन समारोह में राज्य सरकारों की ओर से उन्हें आमंत्रित भी नहीं किया जाता। ऐसे में क्षेत्र में होने वाली योजनाओं के बारे में वे पूरी जानकारी नहीं रख पाते हैं। सांसदों की शिकायत पर पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) ने कंपनी के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के तहत बिजली परियोजनाओं पर काम हो रहा है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए आधारभूत संरचनाओं पर काम हो रहा है। उपभोक्ता से लेकर सिस्टम यानी ग्रिड व फीडरों में भी मीटर लगाए जा रहे हैं। जरूरत के अनुसार सब-स्टेशन बनाए जा रहे हैं। पीएफसी ने कहा है कि इन परियोजनाओं के बारे में परियोजना स्थल पर ही शिलापट्ट लगाया जाए। इस पर योजना की पूरी विवरणी हो। खर्च होने वाली राशि और लाभान्वितों की संख्या का स्पष्ट जिक्र हो।

पीएफसी ने कहा है कि ट्रांसफॉर्मर व शहर के सार्वजनिक स्थलों पर शिलापट्ट लगाए जाएं ताकि आम लोग उसे देख सकें और आकलन कर सकें कि खर्च की गई राशि के अनुसार योजना में काम हुआ है या नहीं। पत्र में यह भी कहा गया है कि परियोजना के शुरू होते समय स्थानीय सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। शिलापट्ट पर सांसदों का नाम भी दर्ज हो।

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  • Web Title:Electricity projects will start in the presence of MPs