Hindi NewsBihar NewsPatna NewsED Freezes 83 Lakhs in Punjab National Bank Fraud Case in Muzaffarpur
ईडी ने मुजफ्फरपुर पीएनबी में जमा 83 लाख को फ्रीज किया

ईडी ने मुजफ्फरपुर पीएनबी में जमा 83 लाख को फ्रीज किया

संक्षेप:

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुजफ्फरपुर में पंजाब नेशनल बैंक में जमा 83 लाख रुपये को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई 11 दिसंबर 2025 को जालसाजी के मामले में की गई थी। बैंक खातों से 1.29 करोड़ रुपये निकाले गए थे, जिसमें एक खाते से 1.07 करोड़ और दूसरे से 22.40 लाख रुपये शामिल हैं।

Dec 17, 2025 09:58 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पटना
share Share
Follow Us on

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को मुजफ्फरपुर में पंजाब नेशनल बैंक में जमा 83 लाख रुपये को फ्रीज कर दिया है। जानकारी के अनुसार, ईडी की पटना से गई टीम ने 11 दिसंबर 2025 को जाब नेशनल बैंक की जवाहरलाल रोड स्थित शाखा से धोखाधड़ी कर पैसे निकालने के मामले में चार स्थानों पर छापेमारी की और जांच की। ईडी सूत्रों ने बुधवार को बताया कि जांच के दौरान कई अपराध से जुड़े दस्तावेज एवं सामग्री जब्त की गई है। इसके अलावा बैंक खातों में जमा करीब 83 लाख रुपये को फ्रीज कर दिया गया है। इस मामले में दो लोगों के खाते से करीब 1.29 करोड़ निकाले गए थे।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

सूत्रों ने बताया कि ये तलाशी अभियान 11 दिसंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत धन शोधन की जांच के अंतर्गत चलाया गया। मुजफ्फरपुर के जवाहरलाल रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में दो व्यक्तियों के बचत बैंक खातों से 1.29 करोड़ रुपये निकाले गए थे। एक खाते से करीब 1.07 करोड़ तो दूसरे खाते से 22.40 लाख रुपये निकाले गए। बिहार पुलिस की ओर से इस मामले की जांच नगर थाना में दर्ज दो कांडों के आधार पर शुरू की गई थी। जानकारी के अनुसार, ये पीएमएलए के तहत अपराधों की श्रेणी में आते हैं, जिसके कारण ईडी ने अपराध की आय के मनी लॉन्ड्रिंग की समानांतर जांच शुरू की। सूत्रों ने यह भी बताया कि धोखाधड़ी को सिम कार्ड की अदला-बदली और ऑनलाइन बैंकिंग में हेराफेरी कर अंजाम दिया गया था। आरोपितों ने कथित तौर पर जाली पहचान दस्तावेजों का उपयोग करके पीड़ितों के नकली सिम कार्ड प्राप्त किए, जिससे वे एसएमएस अलर्ट और प्रमाणीकरण के लिए बैंक में पंजीकृत मोबाइल नंबरों तक पहुंच गए। सूत्रों ने बताया कि पीएनबी के टोल-फ्री नंबर पर संदेश भेजकर इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं सक्रिय की गईं, जिसके बाद पीड़ितों के खातों से बड़ी रकम स्थानांतरित की गई। चोरी की गई धनराशि को कई स्तरों के लेन-देन के माध्यम से स्थानांतरित किया गया था, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा कोलकाता के एटीएम से नकद निकाला गया और बाद में कैश डिपॉजिट मशीनों (सीडीएम) का उपयोग करके विभिन्न बैंक खातों में जमा किया गया था।