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अवैध धंधे पर लगाम : राज्य में बालू कारोबार के लिए ई-चालान लागू

राज्य में बालू कारोबार की पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहली जून से बालू के खनन, ढुलाई से लेकर बिक्री तक के लिए ई-चालान व्यवस्था लागू कर दी गई। अब बालू माफिया व उनके फैलते अवैध धंधे पर रोक लगेगी। साथ ही आम लोगों को उचित मूल्य पर बालू मिलेगा। 
सूत्रों के मुताबिक खान एवं भूतत्व विभाग में गुरुवार से ई-चालान साफ्टवेयर पर काम शुरू हो गया है। फिलहाल दस दिनों तक परीक्षण के तौर पर यह व्यवस्था रहेगी। इस दौरान सामने आई व्यवहारिक दिक्कतों को दूर किया जाएगा। फिर नई व्यवस्था को 15 जून से पूरी सख्ती से तमाम स्थानों पर लागू कर दिया जाएगा। 
यह होगा लाभ :  कोई भी व्यक्ति पोर्टल पर जाकर चालान के नंबर से बालू घाट से ही खनन की गई मात्रा, ढुलाई मार्ग से लेकर गंतव्य स्थान तक की जानकारी ले सकेगा। फर्जी चालान या एक ही चालान का बार-बार उपयोग रुकेगा। सरकार के पास सभी बालू घाटों व निकाले गए बालू का पूरा ब्योरा रहेगा। 
चालान के लिए दफ्तरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। पर्यावरणीय स्वीकृति के अनुरूप किस घाट से कितना बालू कब-कब निकाला गया, इसका डाटा निरंतर तैयार होता रहेगा। स्वीकृत मात्रा से अधिक बालू निकालने पर नया साफ्टवेयर ऑटोमेटिक तरीके से चालान निकालना बंद कर देगा। इससे सरकारी राजस्व तो बढ़ेगा ही उपभोक्ताओं को वास्तविक मूल्य पर बालू मिल सकेगा।
ऐसे होगा काम : बालू ढुलाई में प्रयुक्त सभी वाहन (ट्रक, ट्रॉली आदि) का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। चालान में बालू की निकासी और गंतव्य स्थान का पूरा पता बालू की किस्म, उसका भार (वजन) प्रविष्ट किया जाएगा। चालान में ही बंदोबस्तधारी द्वारा ली गई राशि का उल्लेख होगा। बालू खरीदार और विक्रेता तथा वाहन चालक के मोबाइल नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस का भी उल्लेख रहेगा। इसमें  पूरी सूचना भरने के बाद ही चालान का प्रिंट निकलेगा और उसका विवरण चालक के मोबाइल पर भी दिखेगा। जिला खनन पदाधिकारी ही चालान को रद्द कर सकेंगे। 
फिर से कराना होगा निबंधन : बालू ढुलाई में प्रयुक्त वाहन के मालिक को ई-चालान व्यवस्था के तहत फिर से निबंधन कराना होगा। नए सिरे से निबंधन में पैन कार्ड, आधार कार्ड नंबर भी देना होगा। अभी पुरानी परंपरागत पद्धति में कम मात्रा में बालू मनमानी कीमत पर बेचा जा रहा है। दलालों व बालू माफिया के कारण उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य से अधिक पैसा देना पड़ रहा है। 

ई-चालान व्यवस्था से बालू कारोबार को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। अवैध खनन से लेकर अवैध ढुलाई और उनकी बिक्री पर नियंत्रण लगाना आसान हो जाएगा। 
- सतीश कुमार सिंह, निदेशक, खान एवं भूतत्व विभाग 

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  • Web Title:E-chalan for sand business in Bihar