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29 मार्च, 2020|3:14|IST

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मैडम, पापा को डांटिए कि मम्मी को पीटें नहीं, वह बहुत रोती रहती हैं...

पापा हर दिन मम्मी से झगड़ते हैं। बहुत डांटते हैं। डांटने के बाद पीटते भी हैं। मिस, आप पापा को डांटिए कि मम्मी को नहीं मारे। मम्मी बहुत रोती रहती हैं। घरों में हो रही घरेलू हिंसा की खबर अब स्कूलों तक पहुंचने लगी है। स्कूल में आए दिन इस तरह की शिकायत पहुंच रही है। बच्चे घर में कुछ नहीं बोलते, लेकिन स्कूल आकर वो टीचर्स और प्रिंसिपल से घर की बातों को साझा करते हैं। 

अभी तक घरो में हो रहे लड़ाई-झगड़े केवल घरों की दीवारों में ही दबकर रह जाते थे। लेकिन अब घरेलू हिंसा की बात स्कूलों तक पहुंचने लगी है। बच्चे अपनी परेशानी स्कूल में आकर बोलने लगे हैं। यह हाल कोई एक स्कूल की नहीं है, बल्कि अधिकतर स्कूल प्राचार्यों के पास अभिभावकों की आपसी लड़ाई-झगड़े की शिकायतें आ रही हैं। माउंट कार्मेल हाई स्कूल की प्राचार्य सिस्टर सेरेना ने बताया कि अभिभावक बच्चे के प्रति गंभीर नहीं होते हैं। बच्चे को समय नहीं देते हैं। अभिभावकों की लड़ाई-झगड़े का असर यह है कि अधिकतर बच्चे मानसिक तनाव में रहते हैं। 

एलकेजी, नर्सरी के बच्चे खोल रहे पोल: अभिभावकों के आपसी झगड़े-लड़ाई से परेशान छोटे-छोटे बच्चे स्कूल में आकर शिकायत करते हैं। स्कूल प्रशासन की मानें तो इसमें एलकेजी, यूकेजी और नर्सरी के बच्चों की संख्या अधिक है। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं फिर वो चुप रहने लगते हैं। अभी तक स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के तनाव और करियर के लिए काउंसिलिंग होती थी। लेकिन अब स्कूलों में घरेलू हिंसा के लिए अभिभावकों के लिए काउंसिलिंग होगी। कई स्कूलों ने तो इसे शुरू भी कर दिया है। स्कूल प्रशासन की मानें तो जब तक घर का माहौल सही नहीं होगा, बच्चों का शैक्षणिक विकास संभव नहीं है। इसके लिए अभिभावकों को सहयोग देना होगा। इस कारण अभिभावकों को पैंरेट्स मीट के अलावा काउंसिलिंग शुरू की गयी है। 

केस-1
अशोक राजपथ स्थित एक स्कूल की यूकेजी की छात्रा स्वाति (बदला हुआ नाम) ने स्कूल की प्राचार्य से आकर अपने फादर की शिकायत की। कहा कि पापा उसकी मम्मी को बहुत मारते हैं। डांटकर ही बातें करते हैं। हर बात पर उन्हें डांटते हैं। बच्ची ने प्राचार्य से पापा को समझाने और डांटने का आग्रह किया।

केस-2
पाटलिपुत्र स्थित एक स्कूल में पिंकी (बदला हुआ नाम) कई दिनों तक स्कूल नहीं आयी। जब स्कूल प्रशासन ने इसकी जानकारी मांगी तो अभिभावक ने दूसरे दिन उसे स्कूल भेजा। स्कूल आने के बाद बच्ची ने प्राचार्य को बताया कि उसके पापा ने मम्मी को मारा था। इससे मम्मी बहुत रो रही थी। 

बच्चे के सामने लड़ाई- झगड़े से कई बच्चे स्कूल में आकर सोने लगते हैं। कई बच्चे माता-पिता के झगड़े की बातें बताते हैं। पैरेंट्स हमलोग समझाते हैं। मैं काउंसिलिंग करती हूं। 
- सिस्टर सरिता, प्रिंसिपल, मेरी वार्ड किंडरगार्डेन स्कूल, पटना 

माता-पिता के आपसी झगड़े का असर बच्चे के ऊपर बहुत पड़ता है। ऐसे में हम अभिभावकों को बुलाकर उनकी काउंसिलिंग करते हैं क्योंकि घर का माहौल सही रखना बहुत जरूरी है। 
- विशाखा, हेड मिस्ट्रेस, सेंट माइकल हाईस्कूल 

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  • Web Title:Domestic violence incidents now reach in schools

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