
किरणोत्सव में उषा किरण खान के साहित्य पर चर्चा
पटना। वरीय संवाददाता साहित्यिक संस्था "आयाम-साहित्य का स्त्री स्वर" की ओर से किरणोत्सव...
पटना। वरीय संवाददाता
साहित्यिक संस्था "आयाम-साहित्य का स्त्री स्वर" की ओर से किरणोत्सव का आयोजन किया गया। आयाम की अध्यक्ष उषा किरण खान के जन्मदिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन उनकी तीन नवीनतम पुस्तकों का विमोचन हुआ। "वातभक्षा" उनका नवीनतम उपन्यास, छात्र जीवन में घटित प्रेम कथा पर आधारित है, संवेदनाओं और संघर्षों के बीच बुने गए इस उपन्यास में नायिका का पुत्र भगवान राम की तरह अहिल्या हुई माता को नव जीवन प्रदान करता है। "सदति यात्रा" मैथिली में लिखी गई कहानियों का संग्रह है। यह नवांकुर प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। प्रसिद्ध लेखिका गीता श्री द्वारा संपादित पुस्तक "हमारे बीच उषा की एक किरण " में तमाम कथाकारों द्वारा उषाकिरण खान से संबंधित संस्मरणों का संग्रह है। वातभक्षा एवं "हमारे बीच उषा की एक किरण" को रूद्रादित्य प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। उषाकिरण खान ने जीवन के 77 सक्रिय बसंत को पार किया है। उनके साहित्य यात्रा पर अपने विचार रखते हुए असम विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. कृष्ण मोहन झा ने उषाकिरण खान के साहित्य को हमारे समय की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सुधा सिंह ने उषा किरण खान की कहानियों पर विस्तृत चर्चा की। स्त्री लेखन को उच्चतम शिखर पर ले जाने के उषा किरण के योगदान को अविस्मरणीय बताया। ऑनलाइन माध्यम से हुए इस आयोजन का संचालन निवेदिता झा और धन्यवाद ज्ञापन कवयित्री नताशा ने किया।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




