
भाजपा दफ्तर के बाहर तीन घंटे तक डायल 112 के चालकों का प्रदर्शन
डायल 112 के चालकों ने भाजपा कार्यालय के बाहर तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। उन्होंने समान काम के लिए समान वेतन, पूर्व सैनिकों को राज्य कर्मी का दर्जा और शहीद चालकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।...
डायल 112 के चालकों ने सोमवार को लगभग तीन घंटे तक भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पांच सौ से अधिक की संख्या में चालकों ने दफ्तर के बाहर वीरचंद पथ को जाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। सभी भाजपा नेताओं को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में वहां तैनात मजिस्ट्रेट प्रतिनिधमंडल को डीएम से मिलने के लिए ले गए। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने चालकों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार के समक्ष रखेंगे। संबंधित अधिकारियों से वार्ता कराकर समस्या का समाधान कराएंगे। इस पर चालक भाजपा दफ्तर से दोपहर तीन बजे गर्दनीबाग धरना स्थल चले गए।
दोपहर 12 बजे के करीब पांच सौ से अधिक चालक गर्दनीबाग धरना स्थल से वीरचंद पथ होते हुए भाजपा कार्यालय पहुंच गए। पहले उन्हें आर ब्लॉक गोलंबर के पास पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। पुलिस बल की संख्या कम होने के कारण वे नहीं रुके और भाजपा कार्यालय पहुंच गए। सड़क की दोनों लेन में धरने पर बैठ गए। नेताओं से वार्ता करने की जिद करने लगे। इस बीच पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारी भी वहां पहुंच गए। काफी देर तक अधिकारी उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मानें। बाद में संघ का एक शिष्टमंडल डीएम से मिलने गया। डीएम के समक्ष डायल 112 चालक संघ की ओर से मांगों का ज्ञापन दिया गया। इनमें समान काम के लिए समान वेतन, चालकों (पूर्व सैनिक) को राज्य कर्मी का दर्जा देने, शहीद हुए चालकों के परिजनों को मुआवजा देने, बिहार में पूर्व सैनिकों को बहाली में 12 प्रतिशत का आरक्षण देने की मांग शामिल है। संघ के अध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि प्रदेश में डायल 112 के चालकों की संख्या पांच हजार से अधिक है। काफी समय से वे अपनी मांगें पूरा करने को लेकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरी में आंदोलन करना पड़ा।

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