
जानबूझकर भूमि विवाद करने वाले गुनहगार नहीं बचेंगे : उपमुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भूमि विवादों के जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि विभागीय अधिकारी मदद करते हैं तो उन पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। पटना जिले में भूमि सुधार के लिए जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई, जिसमें 500 से अधिक आवेदन आए और कई मामलों का निपटारा तत्काल किया गया।
उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि जिन लोगों ने जानबूझकर या गलत तरीके से दाखिल-खारिज और मापी कर भूमि विवाद पैदा किया है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे जालसाजों को यदि कोई विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मदद करते हैं तो उनपर भी सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। ऐसी शिकायतों की जांच विभागीय स्तर से कराकर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही इस संबंध में नया कानूनी प्रावधान भी शुरू किया जाएगा। शुक्रवार को स्टैंड रोड स्थित सरकारी आवास पर उपमुख्यमंत्री ने पटना जिले के लिए भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में ऐसे संवाद आयोजित कर रैयतों की भूमि समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

यह नई सरकार की नई पहल है। मौके पर पटना जिले के राजस्व एवं भूमि सुधार से संबंधित सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे। पटना से यह संवाद शुरू हुआ है। उन्होंने अंचलवार भूमि विवाद के मामले की सुनवाई की। जनकल्याण संवाद में 500 से अधिक आवेदन आए लेकिन एक दर्जन मामलों की उपमुख्यमंत्री ने सुनवाई के दौरान ही मामले का निपटारा 7 से 15 दिनों के बीच करने का निर्देश दिया। पुनपुन, फुलवारीशरीफ, धनरुआ, मोकामा, संपतचक, दीदारगंज, बिहटा, पटना सिटी अंचल की भूमि समस्याओं को उन्होंने सुना और मौके पर ही पदाधिकारियों को त्वरित निपटारा करने का निर्देश दिया। संवाद कार्यक्रम में जमाबंदी, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, जमीन पर जबरन कब्जा, अतिक्रमण के मामले आए। संवाद कार्यक्रम में विभाग के प्रधान सचिव, सचिव, पटना के जिलाधिकारी, एसएसपी समेत जिले के सभी सीओ और डीसीएलआर उपस्थित थे। छह महीने में नहीं हुई जमाबंदी पुनपुन के सिनेक कुमार जमाबंदी नहीं होने की शिकायत लेकर पहुंचे थे। आवेदन के छह महीने बाद भी जमाबंदी नहीं हुई थी। राजस्वकर्मी पर आरोप था कि कागजात की लेखनी स्पष्ट नहीं होने के हवाला देकर मामले को लंबित रखा गया। उपमुख्यमंत्री ने सीओ और राजस्व कर्मी को फटकार लगायी और 15 दिनों के अंदर मामले का निपटारे का निर्देश दिया। फुलवारीशरीफ के हरेन्द्र कुमार ने परिमार्जन के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उसपर कोई सुनवाई नहीं हुई थी। धनरुआ के प्रशांत कुमार ने जमीन की मापी नहीं कराने का मामला उठाया तो उपमुख्यमंत्री ने समिति गठित कर जांच करने का निर्देश दिया। मोकामा से विकास वत्स ने रजिस्ट्री की हुई जमीन पर जबरन कब्जा करने की शिकायत की। मामले को निपटाने के लिए सीओ को विभागीय मंत्री ने सात दिन का समय दिया है। मोकामा से ही आए गौतम कुमार और श्वेता कुमारी की शिकायत पर संवाद में सुनवाई हुई। संपतचक के सीओ से स्पष्टीकरण संपतचक के डॉ. विवेक बिक्रम ने शिकायत की भोगीपुर में अपनी जमीन का दाखिल-खारिज के लिए पांच महीने से आवेदन किए हैं, लेकिन अब तक काम नहीं हुआ। शिकायतकर्ता ने बताया उच्च स्तर के अधिकारियों से भी फोन करवाया, लेकिन सीओ ने जमाबंदी नहीं की। इसपर विभागीय मंत्री ने सीओ की जमकर फटकार लगायी और उनसे स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। दीदारगंज के प्रवीण कुमार, गौतम कुमार ने शिकायत की यहां राजस्वकर्मी काम करने के बदले पैसा मांगते हैं। इसपर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जांच कर कर्मचारी पर कार्रवाई का निर्देश अधिकारियों को दिया।

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