Dengue sufferers found in most water logged area - सबसे अधिक जलजमाव वाले क्षेत्र से मिले डेंगू पीड़ित DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सबसे अधिक जलजमाव वाले क्षेत्र से मिले डेंगू पीड़ित

सबसे अधिक जलजमाव वाले क्षेत्र से मिले डेंगू पीड़ित

तीन दिवसीय डेंगू जांच कैंप में जितने भी मरीज आए हैं उनमें अधिकतर जलजमाव वाले क्षेत्रों से हैं। तीन दिनों तक चले डेंगू जांच शिविर में 300 से अधिक लोगों ने जांच सैंपल दिए हैं। शनिवार को हुए अंतिम जांच शिविर में जो सैंपल आए हैं उनकी रिपोर्ट 14 अक्टूबर को दी जाएगी। गुरुवार और शुक्रवार को हुई जांच की रिपोर्ट मरीजों को दे दी गई है। वायरोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ.सच्चिदानंद कुमार ने बताया कि रविवार को लैब बंद रहेगा। मरीजों को सोमवार को रिपोर्ट मिलेगा।

पीएमसीएच के वायरोलॉजी लैब में 114 डेंगू के मरीज पॉजिटिव पाये गए हैं। इसमें कैंप में आए कुल जांच में से 52 मरीजों में डेंगू पॉजिटिव पाया गया है। वहीं प्राइवेट अस्पतालों में 33 डेंगू के मरीज पॉजिटिव मिले हैं। यानी सिर्फ 12 अक्टूबर को पटना से कुल 147 डेंगू के मरीजों की पहचान की गई है। निजी अस्पतालों में कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल में 21, साईं हॉस्पिटल में एक, जगदीश हॉस्पिटल में छह, फोर्ड हॉस्पिटल में दो एवं राजेश्वरी हॉस्पिटल में तीन डेंगू के मरीज मिले हैं।

पीएमसीएच में 38 मरीज हैं भर्ती

पीएमसीएच के सेंट्रल इमरजेंसी के मुख्य आकस्मिक चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.अभिजीत सिंह ने बताया कि शनिवार को सात नए डेंगू के मरीज भर्ती हुए हैं। वहीं डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है। सभी मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से किया जा रहा है। भर्ती मरीजों में प्लेटलेट्स चढ़ाने वाले मरीजों की संख्या बहुत ही कम है। अधिकतर मरीज औसतन सात से आठ दिनों में ठीक होकर वापस जा रहे हैं। जिन्हें डेंगू है उन्हें जरूरत से ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं हैं।

90 फीसदी मरीज ओपीडी के इलाज से हो रहे हैं ठीक

पीएमसीएच में डेंगू जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजेन्द्र सर्जिकल ब्लॉक के सभागार में कॉलेज एवं अस्पताल के अधिकतर विभागाध्यक्ष, छात्र एवं मरीजों के परिजन कार्यक्रम में शामिल हुये। कॉलेज के प्राचार्य डॉ.विद्यापति चौधरी ने कहा डेंगू को लेकर लोगों को डरने की जरूरत नहीं है सिर्फ मच्छरों से बचाव के लिए जितना हो सकता है प्रयास करें। वहीं अधीक्षक डॉ.राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि पीएमसीएच में आने वाले 90 फीसदी डेंगू के मरीजों का इलाज ओपीडी में ही हो जा रहा है। इन्हें भर्ती करने की नौबत नहीं आ रही हैं। जो मरीज भर्ती हो रहे हैं उनमें भी सभी ठीक होकर जा रहे हैं। मेडिसीन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.एमपी सिंह ने बताया कि बुखार तीन दिनों से ज्यादा हो तो डेंगू या चिकुनगुनिया की संभावना हो सकती है। ऐसे में मरीज को डेंगू की जांच,सीबीसी और एनएस-1एंटीजन की जांच करानी चाहिए। जांच में डेंगू पॉजीटिव हो तो डरने की जरूरत नहीं है बस डॉक्टर की सलाह से इलाज कराएं। आठ से 10 दिनों में ठीक हो जाएंगे। डेंगू के बुखार में सिर्फ पैरासिटामॉल की दवा लेनी चाहिए। इसके अतिरिक्त कोई दूसरी दवा नहीं लेनी है। शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि प्लेटलेट्स की कोई कमी नहीं हैं और अधिकतर मरीजों को जरूरत भी नहीं पड़ रही हैं। पीएमसीएच में प्रशिक्षित डॅाक्टर हैं, जो मरीजों का इलाज कर रहे हैं।

गर्भवति महिलाओं को डेंगू है तो बच्चा भी होगा शिकार

जागरूकता कार्यक्रम में शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.एके जायसवाल ने बताया कि डेंगू से डरने की जरूरत नहीं बल्कि इसका सामना परहेज और बचाव से करना है। अगर किसी गर्भवती महिला को डेंगू हो गया है तो उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को भी डेंगू हो सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि जो गर्भवती महिलाएं हैं उन्हें ज्यादा बचाव की जरूरत हैं क्योंकि एक साथ दो जिन्दगियां डेंगू की शिकार हो जाएंगी। रही बात प्लेटलेट्स की तो किसी भी डेंगू के मरीज का प्लेटलेट्स 50 हजार से कम है तो एसे मरीज अस्पताल में भर्ती हो सकते हैं। अगर प्लेटलेट्स 15 से 10 हजार के बीच हो तो मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत हैं। डेंगू होने पर डॉक्टर की सलाह से इलाज कराने की जरूरत है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Dengue sufferers found in most water logged area

'हिन्दुस्तान स्मार्ट' अख़बार की कॉपी पाने के लिए, नीचे दिए फॉर्म को भरे

* आपके द्वारा दी गयी जानकारी किसी से साझा नहीं की जाएगी व केवल हिन्दुस्तान अख़बार द्वारा आपसे संपर्क करने के लिए इस्तमाल की जाएगी।