राज्य में डेंगू मरीजों के लिए 2016 बेड आरक्षित
बिहार में डेंगू मरीजों के लिए 2016 बेड आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बारिश के मौसम में डेंगू के मामलों में वृद्धि की संभावना को देखते हुए सभी जिलों से तैयारी की रिपोर्ट मांगी है। पिछले सालों...

राज्य में डेंगू मरीजों के लिए 2016 बेड आरक्षित कर दिये गये हैं। बारिश के मौसम में जलजमाव में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों से तैयारी की रिपोर्ट ली है। साथ ही जिलों को निर्देश है कि अस्पतालों में डेंगू जांच कीट पर्याप्त मात्रा में अनिवार्य रूप से रखें। पिछले सालों के आंकड़े बताते हैं कि सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में सबसे अधिक डेंगू के मरीज राज्य में मिलते रहे हैं। जिलों से विभाग को प्राप्त रिपोर्ट बताते हैं कि जनवरी से अब-तक राज्य में 524 डेंगू के मरीज मिले हैं, जिनमें 197 पटना में मिले।
इनमें 256 मरीज सिर्फ अगस्त में 25 तारीख तक मिले हैं। इनमें कई ऐसे भी मरीज मिले हैं, जो दूसरे राज्यों में संक्रमित हुए थे और यहां आने के बाद उन्होंने जांच करायी। विभाग के निदेशक प्रमुख डॉ. विनोद कुमार सिंह बताते हैं कि डेंगू की बीमारी मच्छर के काटने से होती है। संक्रमित मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है तो उसे यह बीमारी होती है। वहीं, संक्रमित व्यक्ति को कोई मच्छर काटने के बाद किसी और को भी काटता है तो डेंगू का संक्रमण उस नये व्यक्ति में भी फैल सकता है। इससे बचाव के लिए जलजमाव नहीं होने देना सबसे अहम उपाय है। साथ ही मच्छर से अपने को बचाव करना है। इसके लिए नगर विकास विभाग से संपर्क कर राज्य में एंटी लार्वा का छिड़काव और निरंतर फॉगिंग कराने का निर्देश निगमों को दिया गया है। राज्य में 1013 यूनिट प्लेटलेट्स उपलब्ध हैं।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




