DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नए मुख्यमंत्री: CM नीतीश बोले,बिहार और बिहारियों के लिए लिया ये फैसला

बिहार और बिहारियों के हित में लिया निर्णय : नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक कार्यकर्ताओं से कहा कि मैंने जो निर्णय लिया है वह बिहार एवं बिहारियों के हित में लिया गया है। आपकी उपस्थिति यह प्रमाणित करती है। हमें देश का कोई नेता धर्मनिरपेक्षता का पाठ नहीं पढ़ा सकता है। सीएम आवास में 1500 अल्पसंख्यक कार्यकर्ता मुख्यमंत्री को नयी सरकार के गठन पर बधाई देने गये थे।

मुख्यमंत्री ने सभी का स्वागत किया और कहा कि आप लोगों को यहां आने से मुझे दिली खुशी हुई है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि लोग धर्मनिरपेक्षता को अपने स्वार्थ की पूर्ति तथा लाभ से जोड़ कर देखते हैं। नवंबर 2005 में एनडीए की सरकार बनी तो हमने समावेशी एवं न्याय के साथ विकास का कार्य करना शुरू किया।

एनडीए की सरकार में ही मैंने भागलपुर में हुए दंगे के अभियुक्तों को सजा दिलवाई और न्यायिक जांच की अनुशंसा के बाद सिख दंगा की तरह ही पीड़ितों को मुआवजा दिया। ऐसे परिवार जिनको देखने वाला कोई नहीं था उनको आजीवन पेंशन दी गई। राज्य सरकार ने 50 हजार 125 कब्रिस्तानों की घेराबंदी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी यही कोशिश है कि समाज में शांति कायम रहे तथा किसी भी व्यक्ति के साथ नाइंसाफी नहीं हो। इन सबों के साथ ही अल्पसंख्यक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हुनर एवं औजार योजना चलाई गई, जिसका लाभ उन्हें मिला। तालिमी मरकज एवं 2459 मदरसा को मान्यता दी गई एवं उर्दू शिक्षकों की बहाली भी की गई।

अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के लिए कोचिंग की व्यवस्था, सभी बोर्ड/कमेटी का सुदृढ़ीकरण, अंजुमन इस्लामिया हॉल और हज भवन को सारी सुविधाएं मुहैया करायी गयी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रथम श्रेणी से उतीर्ण होने वाले अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को 10 हजार देने का प्रावधान किया। इसके बाद वर्ष 2007 में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं की संख्या 2600 थी, जो वर्ष 2009-10 में बढ़कर 26 हजार हो गयी।

मौके पर मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, सांसद आरसीपी सिंह, हरिवंश नारायण, कहकशां परवीन, विधान पार्षद मौलाना गुलाम रसूल वलियावी, संजय झा, संजय कुमार सिंह, अनिल कुमार, सर्रफुद्दीन, जावेद इकबाल अंसारी, सलमान रागिब, सलाम, इजहार अहमद, गुलाम गौस, अंजुम आरा, युनूस हुसैन हकीम, ओबैदुल्लाह, रजिया खातुन, खलील अंसारी, इरशादउल्लाह, इरशाद अली आजाद, मुमताज, परवेज खान और बबलू मौसमी आदि उपस्थित थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:decision taken in favor of bihar and biharis: Nitish