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बारिश के मौसम में चर्म रोगों का खतरा अधिक, होम्योपैथी दवाइयों से मिलेगी राहत

बारिश के मौसम में चर्म रोगों का खतरा अधिक, होम्योपैथी दवाइयों से मिलेगी राहत

बारिश के मौसम में बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। खासकर संक्रमण फैलने का। वहीं त्वचा की बीमारियां भी होती हैं। शरीर के अंदर कई कारणों से घाव, फूंसी, फफोले आदि निकल आते हैं। इसमें लहर और जलन के साथ बुखार भी होता है। ये सभी बीमारियां कम दिनों के लिए होती है लेकिन समय पर इलाज नहीं होने से बड़ा रूप ले लेती हैं। ये बातें होमियोपैथ के चिकित्सक डॉ. रतन ने कही। रविवार को आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान के डॉक्टर की सलाह कार्यक्रम में उन्होंने मरीजों के सवालों का जवाब दिया। डॉ. रतन ने कहा कि बारिश के मौसम में प्रत्येक दिन सुबह और शाम स्नान करना चाहिए। जितना ढ़ीला कपड़ा पहनेंगे उससे उतना ही आराम मिलेगा। खान-पान में भी परहेज करना होगा। बताया कि होमियोपैथ के ऐसे हैंडवॉश और शेंपू बाजार में उपलब्ध हैं जिसका लाभ उठाया जा सकता है। डॉ. रतन ने बताया कि पानी जनित बीमारियों में होमियोपैथ की दवा सबसे ज्यादा लाभकारी होती है।

सवाल : गर्दन में दर्द रहता है और चक्कर आता है। (बाढ़ से बंगाली प्रसाद)

जवाब : ब्लड प्रेशर जांच कराएं। फिजियोथेरेपिस्ट की देखरेख में अभ्यास करें। किसी होमियोपैथ चिकित्सक से दिखलाकर दवा चलाएं। गर्दन से जुड़े व्यायाम का अभ्यास करें। कोल्डड्रिंक नहीं लें।

सवाल : जांघ में छाले पड़ गये हैं। खुजली भी होती है। (भागलपुर से आबिद अख्तर, नवादा से रमेश कुमार)

जवाब : बारिश के मौसम में शरीर की सफाई का ध्यान रखें। नारियल तेल का इस्तेमाल करें। डॉक्टर की सलाह से होमियोपैथ की दवा लें। ध्यान रखें दवा हमेशा कंपनी का और सील्ड पैक ही खरीदें। ढीला सूती कपड़ा पहनें। सप्ताह में एक दिन गर्म पानी से उस कपड़े को साफ करें। तंग अंडरगार्मेंट कपड़े नहीं पहनें।

सवाल : मेरे लड़के के कान के नीचे गिल्टी है। (सारण से लालबाबू कुमार)

जवाब : सर्द-गर्म के कारण भी गिल्टियां फुल जाया करती हैं। गुनगुने पानी से सेकाई करें। भोजन के बाद थोड़ा गुड़ खिलाएं। ठीक नहीं हो तो किसी होमियोपैथ चिकित्सक से दिखलाकर दवा दें।

सवाल : कभी-कभी चक्कर आता है। (मधुबनी से लालबाबू)

जवाब : खान-पान में परहेज करें। तला हुआ भोजन और फास्टफूड नहीं लें। हरी सब्जियां ज्यादा खाएं। होमियोपैथ के डॉक्टर से भी मिलें।

सवाल : कमर में दर्द है। इलाज करवाया है फिर भी ठीक नहीं हुआ। (मुजफ्फरपुर से राजन प्रसाद)

जवाब : 15 मिनट तक गर्म पानी के बैग से कमर की सेकाई करें। सुबह -शाम दो बार सेकाई करें। होमियोपैथ डॉक्टर से जांच कराकर दवा जरूर लें।

सवाल : जोड़ों में दर्द रहता है। (कटिहार से सुनीता कुमारी, बिहारशरीफ से सुधीर चंद्र रस्तोगी)

जवाब : पहले तो जांच करानी होगी। इसके बाद ही रिपोर्ट के आधार पर होमियोपैथ का इलाज चलेगा। सुबह में हर रोज 45 मिनट तक धूप में बैठें और जोड़ों का अभ्यास करें। धूप से जोड़ों के सूजन में कमी आती है। प्रत्येक दिन तीन-चार किलोमीटर टहलना चाहिए।

सवाल : पैर में कॉर्न हो गया है।(गया से दीपक कुमार)

जवाब : प्रत्येक दिन 10 मिनट तक गुनगुने पानी में पैर रखकर सेकाई करें। किसी हल्के रुखड़े चीज से पैर को रगड़े। पैर का चमड़ा फुलकर मुलायम हो जाता है। खाना-खाने के बाद थोड़ा गुड़ भी खा सकते हैं।

सवाल: रीढ़ की हड्डी में और जोड़ों में दर्द रहता है।(पूर्णिया से प्रकाश प्रभात)

जवाब : जहां दर्द है वहां सुबह में सरसो का तेल लगाकर टहलें। इसके बाद गर्म पानी के बैग से सेकाई करें। इसके बाद भी ठीक नहीं हो तो होमियोपैथ के डॉक्टर से दिखलाकर दवा लें।

सवाल : बाएं हाथ की केहुनी को सीधा करने में परेशानी होती है। (समस्तीपुर से सुनीता देवी, नवादा से रंजीत कुमार)

जवाब : फ्रिज के चिल्ड वाटर का सेवन नहीं करें। कोल्डड्रिंक पीना छोड़ दें। सुबह में दो सौ बार ताली बजाएं। गर्म पानी के बैग से सेकाई करें। फिर भी राहत नहीं हो तो किसी होमियोपैथ डॉक्टर से दिखलाएं।

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  • Web Title:Danger of skin diseases in raining