बंगाल में राष्ट्रपति के सम्मान में कमी चिंताजनक : उपेंद्र
रालोमो के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रोटोकॉल में कमी को चिंताजनक बताया। उन्होंने सिलीगुड़ी में एक सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार की अनुपस्थिति और राष्ट्रपति द्वारा पूछे गए सवालों को लेकर चिंता जताई। यह राष्ट्रपति पद की गरिमा और आदिवासी समाज की भावनाओं से जुड़ा मामला है।

रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रोटोकॉल और सम्मान में कमी अत्यंत चिंताजनक है। रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा है कि सिलीगुड़ी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन कार्यक्रम स्थल को सीमित करने और राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व की अनुपस्थिति ने कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया है। स्वयं राष्ट्रपति द्वारा यह पूछना कि क्या ममता दीदी मुझसे नाराज हैं? यह परिस्थितियों की संवेदनशीलता को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की प्रतिष्ठा और आदिवासी समाज की भावनाओं से जुड़ा मामला है।
राष्ट्रपति पद दलगत राजनीति से ऊपर माना जाता है, इसलिए उसकी मर्यादा और प्रोटोकॉल का निर्वहन हर स्तर पर सुनिश्चित होना चाहिए। संवैधानिक परंपरा की रक्षा और गरिमा बनाए रखना हम सब की साझी जिम्मेदारी है।
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