Clearance of 10 percent reservation on economic basis in Bihar - आर्थिक आरक्षण का विरोध करने वाला खुद खामियाजा भुगतेगा : CM नीतीश DA Image

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आर्थिक आरक्षण का विरोध करने वाला खुद खामियाजा भुगतेगा : CM नीतीश

CM Nitish Kumar

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण का जो विरोध करेगा, वह खुद इसका खामियाजा भुगतेगा। उन्होंने सोमवार को ‘बिहार पदों एवं सेवाओं की रिक्तियां तथा शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए) आरक्षण विधेयक, 2019’ पेश किया, जिसे विधान मंडल के दोनों सदनों से पारित कर दिया गया। इसके साथ ही बिहार में भी आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण का रास्ता साफ हो गया। 

सोमवार को भोजनावकाश के बाद प्रस्ताव पेश करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। अब हमलोग कानून बनाकर राज्य की सेवाओं में इसे लागू कर रहे हैं। यह सर्वसम्मति से पारित होना चाहिए। कहा कि पूर्व से जारी 50 प्रतिशत आरक्षण पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। ये अतिरिक्त आरक्षण है। जो आरक्षण शुरू से है उसमें हस्तक्षेप नहीं है। इसके लिए नियम बनाया जाएगा, रोस्टर भी तैयार किए जाएंगे। अनारक्षित वर्ग में 10 प्रतिशत रोस्टर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए तैयार किया जाएगा। अंचल अधिकारी के स्तर पर इसके लिए सर्टिफिकेट बनेगा। इसे यथाशीघ्र लागू करने की कोशिश करेंगे। 

व्यापार के रूप में स्कूलों को चलाना गलत 
वहीं, निजी स्कूल फीस विधेयक पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विप में साफ कर दिया कि निजी स्कूलों की हर साल बेतहाशा शुल्क वृद्धि और उनकी मनमानी को रोकने के लिए ही में नया कानून बनाया गया है। कांग्रेस के सदस्य प्रेमचंद मिश्र के यह कहने पर कि नए कानून से सरकार निजी स्कूलों पर अंकुश लगाने व उसमें हस्तक्षेप का प्रयास कर रही है, पर मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों पर नया कानून हाई कोर्ट के निर्देश पर बनाया गया। ऐसे स्कूल हर साल अपनी फीस बढ़ाते रहे हैं। व्यापार के रूप में स्कूलों को चलाना गलत है। ऐसे संस्थान भी सरकार के अधीन ही होते हैं। विस में इसे शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने पेश किया। 

अब किसी को भी बेच सकेंगे अपनी जमीन 
दोनों सदन ने बिहार भूमि सुधार (अधिकतम सीमा निर्धारण तथा अधिशेष भूमि अर्जन) (संशोधन) विधेयक-2019 को भी मंजूरी दी। विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ किया कि रैयत अब अपनी जमीन किसी भी व्यक्ति को बेच सकता है। पहले उसकी जमीन यदि बिकती भी थी तो उस पर बगल वाले व्यक्ति का ही पहला अधिकार बनता था।

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  • Web Title:Clearance of 10 percent reservation on economic basis in Bihar

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