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पटना

दावा, मोबाइल टावर के रेडिएशन का शरीर पर नहीं पड़ता बुरा प्रभाव

हिन्दुस्तान टीम,पटनाPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 10:30 PM
दावा, मोबाइल टावर के रेडिएशन का शरीर पर नहीं पड़ता बुरा प्रभाव

दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ उपमहानिदेशक गिरीजेश कुमार मिश्रा ने दावा किया कि मोबाइल टावरों से निकलने वाले रेडिएशन का हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार रेडियेशन का प्रभाव दस गुना कम देखा गया है। राज्य में 01 लाख 647 मोबाइल के बीटीएस हैं, इसमें 34 हजार 82 का सर्वे किया गया है। सात वर्षों के सर्वे में पाया गया है कि लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है कि बीटीएस के रेडिएशन से मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

सोमवार को मोबाइल विकिरण के प्रभाव पर आयोजित वेबिनार में तथ्य और मिथक पर राज्य की वर्तमान स्थिति को श्री मिश्रा ने रखा। उन्होंने बताया कि देश में 5जी टेक्नोलॉजी पर काम शुरू है। बहुत जल्द देश में मोबाइल टावरों की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी। इस बीच कई तरह की भ्रांतियां फैल रही है कि मोबाइल टावरों के रेडिएशन का हमारे शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक जीवन में इसका महत्व बढ़ता जा रहा है।

भ्रांतियों को दूर के लिए खुद भी करा सकते हैं बीटीएस के रेडिएशन की जांच

श्री मिश्रा ने कहा कि टेलीकॉम टॉवरों एवं इसके विकिरण से जुड़े मिथक और भ्रांतियों को दूर करना अत्यंत आवश्यक है। दूरसंचार विभाग टॉवरों से निकलने वाले विकिरण पर निगरानी रखता है एवं क्षेत्रीय इकाइयों द्वारा टॉवरों के विकिरण के स्तर का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। मानकों की तय सीमा से अधिक विकिरण होने पर विभाग टेलीकॉम प्रदाताओं पर आर्थिक दंड भी लगाता है। उपमहानिदेशक, सफिया इकबाल ने टेलीकॉम टॉवरों के विस्तार में आ रही समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि दूर संचार विभाग ने तरंग संचार (www.tarangsanchar.gov.in ) नाम से एक वेब पोर्टल भी विकसित किया है जिसके जरिये आम लोग अपने आस-पास के टेलीकॉम टॉवरों के रेडिएशन के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है। यही नहीं 04 हजार रुपये का भुगतान कर टावर का निरीक्षण भी खुद करा सकते हैं। मौके पर निदेशक बीएम पटेल, सहायक निदेशक चंदन कुमार और पीएमसीएच के प्रोफेसर डॉ. आर के सिन्हा ने कई शोध और जानकारियां साझा की।

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