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बालू माफियाओं से पुलिस साठगांठ की जांच शुरू

बालू माफिया और पुलिस की साठगांठ है या नहीं, इसकी जांच शुरू हो गई है। सीआईडी ने बिहटा थाना में अवैध बालू खनन और जब्त मशीनों की चोरी को लेकर दर्ज कांडों का ब्योरा इकट्ठा किया है। माना जा रहा है कि बगैर पुलिस की मिलीभगत के जब्त पोकलेन गायब नहीं हो सकती। लिहाजा पुलिस अफसरों की भूमिका की भी छानबीन होगी। जब्त पोकलेन को भाड़े पर भी दिया गया पिछले साल पुलिस ने बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस दौरान बालू के खनन में लगे 23 पोकलेन जब्त किए गए थे। बिहटा थाने में केस दर्ज किया गया था। इन्हें थाने पर लाने की बजाए एक जगह रखा गया। सूत्रों के मुताबिक अवैध रूप से पहले तो जब्त पोकलेन को भाड़े पर ही बालू माफियाओं को दे दिया गया। कथित तौर पर प्रति पोकलेन प्रतिदिन का भाड़ा दस हजार रुपए था। यानी एक दिन में दो लाख तीस हजार रुपए का खेल हो रहा था। झारखंड की पार्टी को बेचे गए पोकलेन पुलिस द्वारा जब्त 23 पोकलेन मशीन को तबतक भाड़े पर चलाया गया जबतक की उसका कोई खरीदार नहीं मिला। सूत्रों के मुताबिक बालू माफिया पोकलेन को बेचने के लिए पार्टी ढूंढ़ते रहे। बताया जाता है कि मौका मिलते ही झारखंड की पार्टी को इनमें से 13 पोकलेन को करोड़ों रुपए में बेच दिया गया। इसका राज पिछले दिनों जब खुला तो बिहटा थाने में पोकलने की चोरी से संबंधित कांड संख्या 596/17 दर्ज की गई। एफआईआर की कॉपी मंगाई गई सीआईडी ने बालू के अवैध खनन और जब्त सामान की चोरी से संबंधित बिहटा थाने में दर्ज चार मामलों की एफआईआर की कॉपी मांगी है। आईओ को भी बुलाया गया है। अभी सीआईडी ने इन कांडों का प्रभार अपने जिम्मे नहीं लिया है। कई बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह तय होगा कि सीआईडी इन कांडों की जांच अपने जिम्मे ले लेगी या फिर उसके नियंत्रण में अनुसंधान होगा।

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  • Web Title:CID Starts Investigation of Sand mafiya and police nexus