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हर कोने में दिखे भूत, ‘विक्रम बैताल’ करता रहा परेशान

हर कोने में भूत। हर मोड़ पर भूत। पेड़ पर भी भूत। मैदान में भी भूत। दुर्घटना में घायल भूत। चिल्ला-गुर्राता भूत। झूला झूलता भूत...जहां देखिए वहां भूत। किलकारी बाल भवन में मंगलवार शाम कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। बच्चों ने ऐसा रंग दिखाया कि बड़े-बड़े लोग देखते रह गए। चिल्ड्रेन थियेटर फेस्टिवल का कुछ इस अंदाज में आगाज हुआ। ‘विक्रम बैताल’ नाटक के साथ चार दिवसीय फेस्टिवल की शुरुआत हुई। 

धुआं, भूत और झूला 
किलकारी के बच्चे हमेशा कमाल करते हैं। उनकी क्रिएटिविटी हमेशा देखने लायक होती है, लेकिन मंगलवार की शाम बच्चों का एक अलग ही रूप देखने को मिला। एक तरफ खुले आसमान के नीचे नाटक की तैयारी चल रही थी, तो दूसरी तरफ मैदान में धुआं फैल रहा था। 

जगह-जगह भूत के शक्ल में बच्चे घूम रहे थे। एक-दो नहीं, बल्कि कई दर्जन बच्चे भूत के वेश में जहां-तहां दिख रहे थे। गेट पर पहुंचते ही भूतों की दुनिया दिखने लगी थी। गेट पर तो भूत-भूतनी थे ही, गेट के ऊपर भी भूत बैठै थे। बगल के पेड़ों पर भी स्थिर भूत बैठा था, दूसरी तरफ पीपल पेड़ के नीचे सफेद साड़ी में भूतनी खड़ी दिखाई दी।  मैदान में हू-हू-हू करती भूतनी अलग डर पैदा कर रही थी, तो अंधेरे में झूला झुलती भूतनी अलग रोमांच पैदा कर रही थी। युवा नाट्य गुरु रविभूषणय मुकुल का ‘भूत’ थीम सफल रहा। 

चालाक बैताल हर बार छूट जाता था
चिल्ड्रेन थियेटर फेस्टिवल का पहला नाटक विक्रम बैताल रहा। सोम भट्ट लिखित इस चर्चित कहानी को घनश्याम कुमार के निर्देशन में बच्चों ने मंच पर उतारा।  लेकिन जिस अंदाज में उतारा, वह भी देखने लायक था। एक तरफ मैदान में भूत घूमते दिखे, तो दूसरी तरफ जमीन पर बने मंच पर भी भूतों का मेला लगा। उज्जैन के राजा विक्रम और बैताल भूत की कहानी को मजेदार अंदाज में बच्चों ने मंच पर उतारा। एक साधु को बैताल बार-बार परेशान कर रहा था। साधु के कहने पर राजा बैताल को पकड़ने के लिए चल पड़ा। राजा, बार-बार बैताल को पकड़ लेता था, लेकिन चालाक बैताल हर बार उसके बंधन से छूट जाता था...। 

भूतों ने किया स्वागत
भूतों के शक्ल में बच्चे मंच पर पहुंचे और वरिष्ठ रंगकर्मी परवेज अख्तर, संगीत नाटक अकादमी के सचिव विनोद अनुपम, वरिष्ठ रंगकर्मी सुमन कुमार, कुणाल, अभय और ज्योति परिहार को पौधे देकर स्वागत किया। इसी के साथ उद्घाटन भी हो गया। वेस्ट मैटेरियल से तैयार इस कलाग्राम का नाम ‘चार्ली चैप्लिन रंगभूमि’ रखने का सुझाव परवेज अख्तर ने दिया।

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  • Web Title:Childrens Theater Festival begins in Patna