
सोनपुर मेला ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार : नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोनपुर मेला का निरीक्षण किया और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार बताया। उन्होंने जीविका दीदियों को 42 लाख रुपये का चेक सौंपा। यह मेला 9 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलेगा, जहां पशुओं की खरीद-बिक्री और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सोनपुर मेला केवल प्राचीन परंपरा का ही प्रतीक नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी आधार है। सभी की सुविधाओं का ख्याल रखा जा रहा है और उनकी तरक्की के लिए भी कार्य किये जा रहे हैं। विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला का निरीक्षण करने के दौरान सीएम अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। सीएम ने सरकारी स्टॉलों और प्रदर्शनियों का निरीक्षण करने के बाद जीविका दीदियों के समूह को 42 लाख 53 हजार रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने कहा कि हजारों छोटे व्यापारी और कारीगर यहां आकर कलात्मक वस्तुएं, सजावटी सामान, पारंपरिक गहने, बर्तन, कपड़े और अन्य उत्पादों की बिक्री करते हैं।

यह मेला स्थानीय उत्पादों को देशभर के बाजार तक पहुंचाने का माध्यम बन चुका है। कई महत्व को समेटे मेले का दस दिसंबर तक होगा आयोजन ऐतिहासिक, धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक रूप से ख्याति प्राप्त हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले का आयोजन सारण जिले के सोनपुर में प्रत्येक वर्ष किया जाता है। यह मेले कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होकर पूरे एक महीने तक चलता है। इस वर्ष इसका आयोजन तीन नवंबर से से चार दिसंबर तक किया जाना था। बिहार विधानसभा चुनाव के कारण इसमें आंशिक परिवर्तन करते हुए इसका आयोजन नौ नवंबर से 10 दिसंबर तक किया गया है। गंगा और गंडक नदी के किनारे हजारों साल से इस मेले का आयोजन होता रहा है। बड़ी संख्या में आनेवाले श्रद्धालु नदी में स्नान कर यहां अवस्थित हरिहर नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करते हैं, इसलिए इसे हरिहर क्षेत्र मेला भी कहा जाता है। स्थानीय लोगों में यह छत्तर मेले के नाम से भी जाना जाता है। सोनपुर मेला मुख्य रूप से देश के सबसे बड़े पशु मेला के रूप में प्रसिद्ध है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग यहां पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए आते रहे हैं, जिसमें हाथी, घोड़ा, ऊंट, गाय, भैंस, कुत्ता, तोता, मैना इत्यादि पशु-पक्षियों की खरीद-बिक्री होती है। लोगों के मनोरंजन के लिए प्रतिदिन घुड़दौड़, कुश्ती, नौकायन इत्यादि विभिन्न प्रकार के खेलों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। प्रतिदिन संध्या के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इससे लोगों के मनोरंजन के साथ-साथ राज्य के कलाकारों को भी अवसर प्राप्त होता है। मंत्री से लेकर कई अफसर थे सीएम के साथ: निरीक्षण के दौरान ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कौशल किशोर मिश्रा, कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव सह मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, सारण प्रमंडल के आयुक्त राजीव रौशन, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, सारण के जिलाधिकारी अमन समीर, पटना के एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा, सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. कुमार आशीष उपस्थित थे।

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