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आरक्षण कानून को चुनौती देने के लिए ई-फाइलिंग के जरिए केस दायर

बिहार में आरक्षण का दायरा बढ़ाने के लिए बनाए गए कानून की वैधता को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। मंगलवार को हाईकोर्ट का पोर्टल खुलने के बाद ई...

आरक्षण कानून को चुनौती देने के लिए ई-फाइलिंग के जरिए केस दायर
हिन्दुस्तान टीम,पटनाWed, 29 Nov 2023 05:45 PM
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पटना, विधि संवाददाता। बिहार में आरक्षण का दायरा बढ़ाने के लिए बनाए गए कानून की वैधता को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। मंगलवार को हाईकोर्ट का पोर्टल खुलने के बाद ई फाइलिंग के जरिए याचिका दायर की गई। अब हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से केस दायर करने की अनुमति मिलने के बाद इसकी सॉफ्ट कॉपी दाखिल की जाएगी। सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद हाईकोर्ट इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेगा। वहीं धीरेन्द्र कुमार की ओर से अधिवक्ता दीनू कुमार और रितिका रानी द्वारा आरक्षण कानून को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। अधिवक्ता दीनू कुमार ने यह जानकारी दी है।
गौरतलब है कि नये आरक्षण कानून के खिलाफ महाधिवक्ता कार्यालय में याचिका की प्रति दी गई है। राज्य में 65 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को हाईकोर्ट में गौरव कुमार और एस नमन की ओर से अधिवक्ता आलोक कुमार ने चुनौती दी है। अर्जी में मौलिक अधिकारों का उल्लंघन का हवाला देते हुए कहा गया है कि आरक्षण का दायरा 75 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जातीय सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार ने आरक्षण का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया और विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में 9 नवंबर को दोनों सदनों ने इसे पारित कर दिया गया। विधानमंडल से नये आरक्षण कानून पारित होने के बाद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने 18 नवंबर को अपनी सहमति प्रदान की। जिसके बाद 21 नवंबर को बिहार गजट में नये आरक्षण कानून को प्रकाशित किया गया।

सूचीबद्ध होने में लग सकता है कुछ दिनों का वक्त

ई फाइलिंग के जरिए ज्यादा केस दायर होने पर हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से अनुमति मिलने में एक से दो दिनों का समय लग सकता है। हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से अनुमति मिलने की जानकारी केस के संबंधित वकील को मोबाइल पर भेजी जाती है। इसके बाद वकील अर्जी की सॉफ्ट कॉपी दायर करते हैं। दायर केस में स्टाम्प रिपोर्टर उसकी जांच करते हैं। त्रुटि होने पर उसे उजागर किया जाता है। फिर केस के वकील उन सभी त्रुटियों को दूर कर फिर से याचिका दायर करते हैं। उसके बाद केस को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाता है। दीपावली, दवात पूजा और छठ पर्व के 11 दिनों की छुट्टी के बाद हाईकोर्ट गत बुधवार को खुला, लेकिन हाईकोर्ट ने छुट्टी के पूर्व ही नोटिस जारी कर सभी वकीलों को बता दिया था कि ई फाइलिंग पोर्टल 28 नवम्बर से खुलेगा।

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