
किताबों के साथ प्रतिभाओं का साक्षी बना रहा पुस्तक मेला
पुस्तक मेले में ‘जाति क्यों नहीं जाती’ विषय पर चर्चा हुई, जिसमें डॉ. शांति यादव और लेखक अरुण नारायण ने जाति प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई। भोजपुरी गानों के इतिहास पर प्रो. नरेंद्र नाथ पांडे ने बात की। विद्यार्थियों ने नाट्य कला में ‘तकनीकी युग में बदलता समाज’ का प्रदर्शन किया, जबकि 'नमो नमो शंकरा' गाने पर नृत्य से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई।
पुस्तक मेला परिसर न केवल विविध किताबों और ग्रंथों का साक्षी है, बल्कि विभिन्न सत्रों के माध्यम से यह कला प्रदर्शन और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता फैलाने का मंच भी है। इसी क्रम में बुधवार को ‘जाति क्यों नहीं जाती’ विषय पर बात करते हुए लेखिका डॉ. शांति यादव ने कहा कि जाति व्यवस्था मानव निर्मित है। ज्योतिबाई फुले ने इस जाति प्रथा का विरोध किया। बीआर आंबेडकर ने भी इस पर काम किया, लेकिन यह आज भी खत्म नहीं हुआ। लेखक अरुण नारायण ने कहा जाति प्रथा को खत्म करने के लिए समाज के लोगों को एकजुट होना होगा।
सिनेमा उनेमा कार्यक्रम के अंतर्गत भोजपुरी गानों के इतिहास पर चर्चा की गई। इसमें फिल्म इतिहासकार प्रो. नरेंद्र नाथ पांडे ने कहा कि चित्रगुप्त बिहार की मिट्टी से जुड़े समर्पित संगीतकार थे, जिन्होंने लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी जैसे भिन्न पृष्ठभूमि के गायकों से भोजपुरी में गाने गवाए। अपन नाट्य कला का प्रदर्शन करते हुए कॉलेज ऑफ कमर्स आर्ट्स एंड साइंस के बच्चों की ‘तकनीकी युग में बदलता समाज’ पर बहुत ही आकर्षक प्रस्तुति दी। ‘प्रेस 9 फॉर अ क्राइम’ पुस्तक के लेखक शैलेन्द्र झा ने अपने इस उपन्यास पर चर्चा की। ‘ज्ञान और विज्ञान’ कार्यक्रम के माध्यम से बिहार की बेटियों की बढ़ती शैक्षणिक योग्यता और उनकी समाज में नेतृत्वकारी भूमिका पर चर्चा की गई। चर्चा में प्रो. वीणा अमृत, प्रो. मंगला रानी और प्रो. रेखा रानी ने बेटियों के प्रति बदलते शिक्षा के वातावरण और समाज में विकसित हो रहे सकारात्मक दृष्टिकोण पर हर्ष व्यक्त किया। हमारे हीरो कार्यक्रम में स्टार्टअप पर हुई बात : हमारे हीरो कार्यक्रम के माध्यम से दर्शकों को स्टार्टअप इकोसिस्टम पर विस्तार से चर्चा करते हैं। कौशल्या फाउंडेशन के कौशलेंद्र ने कहा कि किसी भी स्टार्टअप से पहले अपने आइडिया पर पूरा भरोसा होना चाहिए ताकि उस पर आसानी से ग्राउंड रियलिटी को जांचा जा सके। पुस्तक मेले में माधव कला दीर्घा के माध्यम से बच्चों ने अध्यात्म से लेकर देशभक्ति तथा मानवता की पेंटिंग से अपनी रचनात्मक कलाओं का परिचय दिया है। ‘नमो नमो शंकरा’ गाने पर डांस के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति किया सजग व्यास मंच स्कूल उत्सव कार्यक्रम में वेलनेस-अ वे ऑफ लाइफ को केंद्र में रखकर नॉलेज ग्राम इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों की ओर से ‘नमो नमो शंकरा’ गाने पर नृत्य प्रस्तुत किया गया। यह केवल नृत्य ही नहीं बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का जरिया था। बच्चों ने देश-भक्ति गानों पर भी नृत्य प्रस्तुत कर देशभक्ति का संदेश दिया। स्वामी सहजानंद सरस्वती पर केंद्रित किताबों का लोकार्पण हुआ : राघवशरण शर्मा की ओर से स्वामी सहजानंद सरस्वती पर लिखित किताब का लोकार्पण मेले में किया गया। जिसमें किसान पाठशाला, क्रांति और संयुक्त मोर्चा समेत अन्य किताबें शामिल रही। मौके पर अरुण सिंह, कथाकार कमलेश समेत कई लोग उपस्थित रहे।

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