सूबे के तीन विश्वविद्यालयों में रोजगारोन्मुखी कोर्स शुरू होंगे, राज्यपाल ने दी मंजूरी
बिहार के विश्वविद्यालयों में छात्रों को रोजगार और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर मिलेंगे। राज्यपाल की मंजूरी से तीन विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम के तहत नए व्यावसायिक कोर्स शुरू होंगे। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को आवश्यक कौशल प्रदान करना है।

बिहार के विश्वविद्यालयों में अब छात्रों को पढ़ाई के साथ रोजगार और प्रशिक्षण का बेहतर अवसर मिलेगा। राज्यपाल सह कुलाधिपति की मंजूरी के बाद राज्य के तीन विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय अंडर ग्रेजुएट अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) के तहत सात नए व्यावसायिक और रोजगारोन्मुखी कोर्स शुरू किये जाएंगे। इस संबंध में लोकभवन की ओर से गुरुवार को अधिसूचना जारी कर दी गयी है। अधिसूचना के अनुसार तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना, में इन कोर्सों का संचालन होगा। ये कार्यक्रम यूजीसी की अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) गाइडलाइन के तहत संचालित किए जाएंगे।
कोर्सों का उद्देश्य
अधिसूचना में कहा गया है कि संबंधित विश्वविद्यालयों को उद्योगों और संस्थानों के साथ ट्राइपार्टी एमओयू करना होगा, ताकि छात्रों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप का लाभ मिल सके। इसका उद्देश्य छात्रों को डिग्री के साथ-साथ रोजगार के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है। इन पाठ्यक्रमों को वर्तमान समय की उद्योग और रोजगार आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। खासकर ई-कॉमर्स, बैंकिंग, हेल्थकेयर और डिजिटल सेक्टर में बढ़ती मांग को देखते हुए इन कोर्सों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन सात कोर्सों में 60-60 सीटें निर्धारित की गई हैं। इसके नियमावली और परिनिमय को मंजूरी प्रदान की गई है, जिसमें सेमेस्टर वाइज प्वाइंट निर्धारित कर दिये गए हैं। किस सेमेस्टर कितनी पढ़ाई करनी है। यह 4 वर्षीय स्नातक डिग्री कार्यक्रम है, जिसमें 75% अकादमिक ज्ञान और 25% उद्योग-विशिष्ट कौशल शामिल होंगे। तीसरे वर्ष में छात्रों के लिए उद्योग में स्टाइपेंड-युक्त अप्रेंटिसशिप अनिवार्य होगी। इस कोर्स को पहले चरण में कुछ कॉलेजों में शुरू किया जाएगा। कॉलेजों की मांग के अनुसार इस कोर्स को अलग अलग कॉलेजों में खोला जाएगा।
कोर्सों की शुरूआत की तिथि
अधिसूचना के अनुसार ये सभी कोर्स 20 मई 2026 से प्रभावी माने जाएंगे। लोकभवन ने संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, शिक्षा विभाग और अन्य अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप शुरू किए जा रहे ये कोर्स बिहार के छात्रों को रोजगार और स्किल आधारित शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नए कोर्सों की सूची
ये सात नए कोर्स होंगे शुरू
राज्यपाल द्वारा जिन सात कोर्सों को मंजूरी दी गयी है, उनमें शामिल हैं—
बीकॉम (बीकॉम) इन बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस (बीएफएसआई)
बीकॉम इन रिटेल ऑपरेशन
बीकॉम इन ई-कॉमर्स ऑपरेशन
बीकॉम इन ह्यूमन रिसोर्स ऑपरेशन
बीए इन कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग
बीएससी इन हेल्थकेयर मैनेजमेंट
बीएससी इन डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स
नोट-----पहले यह खबर छपी है, पर आज इसकी मंजूरी मिली है
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