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देश में सर्वाधिक दुर्घटना वाले जिलों में बिहार के छह

देश में सर्वाधिक दुर्घटना वाले जिलों में बिहार के छह

संक्षेप:

बिहार के छह जिलों - पटना, मुजफ्फरपुर, सारण, मोतिहारी, गया जी और नालंदा - में देश में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन जिलों को जीरो फैटेलिटी के तौर पर चिह्नित किया गया है। परिवहन मंत्री ने कहा कि दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान कर उन्हें कम करने के लिए उपाय किए जा रहे हैं।

Jan 08, 2026 07:44 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पटना
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देश के 100 जिलों में से बिहार के छह जिलों में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। ये जिले पटना, मुजफ्फरपुर, सारण, मोतिहारी, गया जी और नालंदा हैं। दुर्घटना कम करने के लिए इन जिलों को जीरो फैटेलिटी (सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को खत्म करना) के तौर पर चिह्नित किया गया है। नई दिल्ली में देश के परिवहन मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के बाद परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार सरकार इन जिलों में दुर्घटना के कारणों को चिह्नित कर इसे शून्य करने पर काम कर रही है। हादसों की संख्या कम करने के लिए 2025 में कुल 484 ऐसी बैठकें हुईं, जिसमें जिलों की स्थानीय परिस्थितियों, दुर्घटना संभावित स्थलों और प्रमुख जोखिम कारकों की समीक्षा स्थानीय डीएम, एसपी, परिवहन, पथ, अभियांत्रिकी विभाग के स्तर से की गई है।

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सड़क दुर्घटना प्रवण क्षेत्र के रूप में ब्लैक स्पॉट व ग्रे स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। राज्य में 2022 में 160, 2023 में 145 और 2024 में 114 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे। वहीं पथ निर्माण विभाग ने 2022 में 96, 2023 में 96 और 2024 में 91 ब्लैक स्पॉट की पहचान की थी। इन स्थानों पर सुधार के लिए तेज मोड़ों को सुरक्षित, साइन बोर्ड, सड़क चौड़ीकरण और बैरिकेडिंग जैसे काम किए जा रहे हैं। परिवहन मंत्री ने कहा कि राज्य में 1500 से अधिक सरकारी एंबुलेंस और 2000 से ज्यादा निजी एंबुलेंस पंजीकृत हैं। इनमें सभी सरकारी एंबुलेंस की मैपिंग इमरजेंसी नंबर 102 से की जा चुकी है। निजी एंबुलेंस को 102 से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग को दूसरी बार पत्र लिखा गया है। मौजूदा समय में 102 पर कॉल करने पर शहरी क्षेत्र में 20 मिनट और ग्रामीण क्षेत्र में 30 मिनट के अंदर एंबुलेंस पहुंच रही है। केंद्र सरकार के आई-आरएडी और ई-डीएआर पोर्टल पर अब तक 45,103 दुर्घटनाओं को अपलोड किया गया, जिसमें हिट एंड रन के 20,727 और अन्य 24,376 हैं। पीएम राहत (नगद रहित उपचार योजना) के तहत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख तक का इलाज दुर्घटना के सात दिनों तक देना सुनिश्चित किया जा रहा है। हिट एंड रन में मृतक के आश्रितों को दो लाख और घायलों को 50 हजार दिये जाते हैं।